नई दिल्ली. याकूब मेनन को हुई फांसी पर राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है. एक तरफ जहां एमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने जहां इस सजा पर नाखुशी जताई है, वहीं सपा नेता और यूपी के मिनिस्टर आजम खान ने याकूब की फांसी का विरोध करने वालों को देश को बांटने वाला बताया है. आजम खान ने कहा कि जो लोग इस सजा का विरोध कर रहे हैं, वो देश को बांटना चाहते हैं. 

क्या कहा आजम ने 
आजम ने कहा, ‘जो लोग याकूब मेमन को सपोर्ट कर रहे हैं, वे गलत हैं और समाज को बांटना चाहते हैं. कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे याकूब के मजहब को उछाला जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. कानून सबसे ऊपर है.’

क्या कहा ओवैसी ने 
ओवैसी ने कहा, ”इंसाफ नहीं हुआ. ये ठीक है कि मुंबई दंगों में जो लोग मारे गए थे, उनके दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बाबू बजरंगी और माया कोडनानी, कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा को भी फांसी मिलनी चाहिए. फांसी पर लटकाना अगर इंसाफ है तो इन लोगों को भी फांसी मिलनी चाहिए. मैं याकूब का पक्ष नहीं लेता, लेकिन हमेशा हमारा ही नुकसान होता है. बेअंत सिंह के कातिल को मजहब के नाम पर बचाया जा रहा है. यही हाल राजीव के हत्यारों का है. बाबरी मस्जिद गिराने वालों को भी फांसी हो. अगर मैं सम्मान के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश होता हूं तो क्या गलत है?” ओवैसी ने यह भी कहा, ”याकूब ने तो इंडियन एजेंसीज की मदद की। उसने अपने भाई के खिलाफ भी सबूत दिए. गुजरात दंगों के दोषियों को सरकार फांसी क्यों नहीं देती?

यूपी चुनाव भी है 
जानकार इस मामले को यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं. 2017 में होने वाले इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम भी यूपी में उतरेगी. सपा के मुस्लिम वोट बैंक में ओवैसी की पार्टी सेंध लगा सकती है.

एजेंसी इनपुट भी

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