चंडीगढ़ : कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. इसके साथ ही कैप्टन दूसरी बार पंजाब के सीएम बन गए हैं, इससे पहले वह 2002 में मुख्यमंत्री बने थे. शपथ ग्रहण समारोह चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस में आयोजित किया गया.
 
कैप्टन के साथ-साथ 12 अन्य विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी मंत्री पद की शपथ ली.
 
 
इन विधायकों ने भी ली शपथ
 
ब्रह्म मोहिंद्रा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रह्म मोहिंद्रा ने दूसरे नंबर पर कैबिनेट मंत्री की शपथ ली. इन्होंने पटियाला देहाती सीट से जीत हासिल की है, महिंद्रा लगातार छठी बार विधायक चुने गए हैं.
 
नवजोत सिंह सिद्धू
बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर तीसरे नंबर पर ली शपथ. सिद्धू अमृतसर ईस्ट सीट से जीते हैं और पहली बार विधायक बने हैं.
 
मनप्रीत सिंह बादल
मनप्रीत सिंह बादल ने चौथे नंबर पर कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली. वह बठिंडा से विधायक बने हैं, पूर्व सीएम प्रकाश बादल के भतीजे हैं मनप्रीत बादल.
 
तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा
कांग्रेस के नेता तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने भी पंजाब में कैबिनेट राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली. वह फतेहगढ़ चूड़ियां सीट से विधायक बनें हैं.
 
राणा गुरजीत सिंह
राणा गुरजीत सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली. वह कपूरथला सीट से विधायक हैं.
 
चरणजीत सिंह चन्नी 
चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पंजाब कैबिनेट के मंत्री पद की शपथ ली. 
 
साधु सिंह धर्मसोत
कांग्रेस नेता साधु सिंह धर्मसोत ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर ली शपथ. वह नाभा सीट से विधायक बने हैं. धर्मसोत कांग्रेस पार्टी के बड़े दलित नेता हैं.
 

अरुणा चौधरी 
अरुण चौधरी ने कैबिनेट राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली. महिला कोटे से कैबिनेट में मिली जगह. दीनानगर सीट से विधायक चुनी गईं हैं.
 
रजिया सुल्ताना 
रजिया सुल्ताना ने कैबिनेट राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली. रजिया मलेरकोटला सीट से विधायक बनीं हैं.

 
इस समारोह में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राज बब्बर, नवजोत कौर और 6 राज्यों के कांग्रेसी मुख्यमंत्री भी शामिल हुए हैं.
 
बता दें कि पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस तीन राज्यों में बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन गोवा और मणिपुर में बीजेपी ने विधायकों का समर्थन लेकर सरकार बना ली. कांग्रेस केवल पंजाब में ही सरकार बना सकी है.
 
 
पंजाब में कांग्रेस को मिलीं 77 सीटें
पंजाब की कुल 117 सीटों में से कांग्रेस को 77 सीटों के साथ बहुमत हासिल हुआ है. इसके बाद चुनाव में पहली बार उतरी आम आदमी पार्टी 20 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही है. वहीं, अकाला-बीजेपी को 18 सीटें मिली हैं. इनमें अकाली दल के खाते में 15 और बीजेपी के पास तीन सीटें आई हैं. लोक इंसाफ पार्टी को दो सीटें मिली हैं.