नई दिल्ली.  रविवार को कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी सेना प्रमुख के पद पर लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति पर केंद्र सरकार से सफाई मांग रहे थे लेकिन अभी 24 घंटे भी नहीं बीते कि उन्हीं की पार्टी के सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने इस मुद्दे पर राजनीति न करने की सलाह दे डाली है.
मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने एएनआई से बातचीत में कहा ‘सेना प्रमुख की नियुक्ति पर सवाल उठाने का स्वागत नहीं करता, सेना को राजनीति से नहीं जो़ड़ा जाना चाहिए’.
उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख की नियुक्ति में सिर्फ वरिष्ठता ही पैमाना नहीं होना चाहिए. सरकार ने दूसरी योग्यताओं पर भी जरूर विचार किया होगा.
गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से जब बिपिन रावत को सेना प्रमुख बनाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो सरकार ने उनकी योग्यताएं गिनाकर ही अपना बचाव किया था.
लेकिन इस सवाल-जवाब के बीच कांग्रेस सांसद की ओर से ही आया ऐसा बयान पार्टी के लिए एक बार फिर से फजीहत कराने जैसा है. इस नियुक्ति पर कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं वहीं उसका जेडीयू ने भी समर्थन किया है.
जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा है कि सरकार के इस फैसले से हमें आपातकाल की याद आ गई है. ऐसा लग रहा है कि पुराने दिन फिर से वापस आ गए हैं.
बीजेपी की ओर से विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रावत की नियुक्ति उनकी योग्यता के हिसाब से की गई है.
गौरतलब है कि सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को सेना प्रमुख बनाया गया है. उनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने कई बड़े सैन्य अभियानों का संचालन किया है.
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशनों की अगुवाई की है. 
 

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