नई दिल्ली. अपनी सादगी के लिए चर्चित रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के निर्देश पर रक्षा मंत्रालय ने सर्कुलर जारी करके कहा है कि योजनाओं के शिलान्यास के नाम पर बड़े समारोह करके फिजूलखर्ची न की जाए.

मंत्रालय में फिजूलखर्ची रोकने को लेकर पर्रिकर के सख्त रुख के बाद निकले सर्कुलर में कहा गया है कि बहुत जरूरी हो तो शिलापट्ट लगा दें जिससे योजना को लेकर सूचना और पारदर्शिता का उद्धेश्य पूरा होता हो. मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि शिलान्यास के नाम पर बड़े से समारोह के आयोजन पर बहुत पैसा खर्च होता है जबकि उसका कोई फायदा नहीं होता.

पर्रिकर ने जनवरी में एक ऐसे ही शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया था लेकिन उसके बाद इस तरह के शिलान्यास समारोह बिल्कुल थम गए हैं. अगर दूसरे मंत्रालय भी पर्रिकर की सादगी को अपने मंत्रालय में दुहराने लगें तो निश्चित रूप से सरकार का अरबों रुपया हर साल बचेगा.

हम अखबारों में इस तरह के शिलान्यास समारोह का विज्ञापन देखने के आदी रहे हैं. इस तरह के आयोजन में आने-जाने वाले लोगों का खर्च और उस आयोजन पर हुआ खर्च जाहिर तौर पर बड़ा होता है और वो सारा पैसा सरकार के खजाने से निकलता है.

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