लखनऊ. मुलायम सिंह की लाख कोशिशों के बाद आज शिवपाल सिंह यादव ने देर रात प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ यूपी कैबिनेट से भी इस्तीफा दे दिया. इस इस्तीफे के साथ ही एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या शिवपाल सिंह यादव  मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी को तोड़ देंगे?
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बता दें कि यह सारा मामला तब शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा के शिवपाल सिंह को यह पद दे दिया था. उसके कुछ ही घंटों के बाद अखिलेश ने अपने चाचा मंत्री शिवपाल यादव से पीडब्लूडी समेत 7 मंत्रालय वापस ले लिए थे.
 
इसके अलावा कल बुधवार को जब पार्टी के वरिष्ठ नेता  दिल्ली में बैठक में व्यस्त थे तब अखिलेश ने 23 जिलों के डीएम के तबादले भी कर दिए थे. इस बैठक में अखिलेश को भी शामिल होने के लिए कहा गया था लेकिन अखिलेश उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे. इसके बाद आज सुबह अखिलेश और शिवपाल के बीच का झगड़ा सुलझाने के लिए मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने लखनऊ में अखिलेश से मुलाकात की थी.
 
इस मुलाकात में रामगोपाल ने कहा था कि अखिलेश को अध्यक्ष पद से हटाना पार्टी की गलती थी. उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी में कोई कलह या संकट नहीं है. यदि कुछ होगा भी तो उसे जल्द ही दूर किया जाएगा. सीएम का फैसला लेना स्वाभाविक है. इसके बाद शिवपाल यादव और बड़े भाई मुलायम सिंह यादव की मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली. इस मुलाकात के बाद शिवपाल यादव ने कहा कि परिवार में कोई मनमुटाव नहीं है. शिवपाल ने कहा कहा, ‘वह मंत्री हैं और सपा के प्रदेश अध्‍यक्ष भी. पार्टी और परिवार में कोई मनमुटाव नहीं है. मुझे प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया गया है, वह अभी बड़ी जिम्‍मेदारी है.’
 
 
इसके बाद अखिलेश और शिवपाल यादव ने भी मुलाकत की और इन दोनों की मुलाकत के बाद भी किसी तरह के कलह के ना होने की बात की और आखिर में मुलायम सिंह यादव ने बेटे और मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव से मुलाक़ात की. बावजूद इसके देर रात शिवपाल ने देश अध्यक्ष पद के साथ-साथ यूपी कैबिनेट से भी इस्तीफा दे दिया. हालांकि अखिलेश सिंह ने शिवपाल का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है लेकिन यह पूरा घटनाक्रम एक बड़ा सवाल छोड़ जाता है कि क्या अब शिवपाल ही मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी के टूटने की वजह बनेगे?