लखनऊ. चाचा शिवपाल यादव और भतीजा यूपी के सीएम अखिलेश यादव में चल रही कड़वाहट के बीच शिवपाल को प्रदेश का पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है. इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी अखिलेश यादव के पास थी. शिवपाल को अध्यक्ष बनाने का फैसला पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने किया.

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इससे पहले आज सुबह ही अखिलेश यादव ने शिवपाल के करीबी आईएएस दीपक सिंघल को पद से हटा दिया गया था. सिंघल को मुख्य सचिव मुलायम सिंह के दवाब पर बनाया गया था. अखिलेश पहले से ही सिंघल से चिढ़ते थे. सिंघल के बाद अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना पार्टी में संतुलन बनाने के तौर पर देखा जा रहा है.

शिवपाल-अखिलेश के बीच जंग क्यों?
बता दें कि कुछ दिनों से शिवपाल और अखिलेश में किसी न किसी बात को लेकर बहस हो जा रही थी. शिवपाल और अखिलेश में विवाद की सबसे बड़ी वजह मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय होना है. यह फैसला शिवपाल का ही था. इस विलय ने चाचा-भतीजे के बीच एक ऐसी दीवार खड़ी कर दी जिसे लांघना बेहद ही मुश्किल था.
 
शिवपाल का यह भी आरोप था कि उन्हें पार्टी में तरजीह नहीं दी जा रही है और न ही उनकी बातों पर अमल किया जा रहा है. शिवपाल ने तो पार्टी से इस्तीफा तक देने की धमकी दी थी. अब शिवपाल का नाराज होना मुलायम के लिए मुसीबत बन सकती थी क्योंकि पार्टी में शिवपाल की पकड़ मजबूत है, इसलिए मुलायम को शिवपाल को खुश करने के लिए उनका पद बढ़ना पड़ा.