पटना. जेल से छूटते ही शहाबुद्दीन का खौफ बिहार में साफ-साफ नजर आने लगा है. जेल से छूटने के बाद मुजफ्परपुर टोल प्लाजा पर शहाबुद्दीन के काफिल की 200 कारों से बिना टैक्स लिए जाने दिया गया. इसे लेकर टोल मैनेजर का कहना है कि बिहार पुलिस के आदेशानुसार ऐसा हुआ है.
 
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11 साल बाद जेल से रिहा होने के तुरंत बाद शहाबुद्दीन का रौब दिखने आम लोगों में हीं नहीं बल्कि पुलिस महकमें में भी दिखने लगा है. इसका प्रमाण यह है कि मुजफ्फरपुर टोल प्लाजा के मैनेजर दीपक चौबे के दावे मुताबिक शहाबुद्दीन के काफिल से बिहार पुलिस के आदेश के कारण टोल टैक्स नहीं लिया गया. बता दें कि भागलपुर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन करीब 200 कारों के काफिले के साथ सिवान के लिए रवाना हुआ था.
 
 
हत्या और अपहरण सहित कई मामलो में दोषी करार शहाबुद्दीन ने जेल से निकलते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा था कि उसके नेता लालू हैं, नीतीश परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं.
 
 
बता दें कि 2005 में नीतीश की सरकार में ही शहाबुद्दीन को सलाखों के पीछे भेजा गया था और उसकी 11 साल बाद रिहाई भी नीतीश की सरकार में ही हुई.