रांची. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि शहाबुद्दीन के बयान से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. नीतीश कुमार ने ये बातें जमशेदपुर में आयोजित करम महोत्सव में शामिल होने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कही.
 
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नीतीश कुमार ने 11 साल बाद जेल से रिहा हुए शहाबुद्दीन के सवालों से किनारा करते हुए कहा, ‘शहाबुद्दीन की रिहाई एक कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है और शहाबुद्दीन के बयान मेरे लिए कोई मायने नहीं रखते हैं. शहाबुद्दीन का जेल से बाहर आना कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है जिस पर चर्चा की जाए. कानून ने अपना किया है.’
 
इस दौरान उन्होंने राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेनों में फ्लेक्सी किराए के मुद्दे पर बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि रेलवे के इस कदम से साफ तौर पर जाहिर होता है कि केंद्र सरकार को गरीबों का कोई ख्याल नहीं है. साथ-साथ उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी को लेकर सरकार का रवैया काफी खराब है क्योंकि झारखंड में बीजेपी का शासन है.
 
 
बता दें कि शनिवार को पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट ने राजीव रोशन हत्या मामले में जमानत दे दी. शहाबुद्दीन 11 साल बाद जेल से रिहा हो गए हैं. जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था, ‘लालू प्रसाद यादव मेरे नेता हैं, नीतीश हालाात के नेता हैं.’ दरसअल 2005 में नीतीश के शासनकाल में ही शहाबुद्दीन सलाखों में गए थे.