पटना. बिहार के सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. तेजाब कांड के गवाह की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शहाबुद्दीन को जमानत दे दी है. जमानत मिलने के बाद शहाबुद्दीन करीब 10 साल बाद जेल से बाहर निकलेंगे. 
 
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बता दें कि इस मामले में सीवान कोर्ट ने पूर्व सांसद को 11 अगस्त 2015 के दिन उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस साल पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के बाद शहाबुद्दीन को सीवान जेल से भागलपुर जेल ट्रांसफर कर दिया गया था.
 
दो सगे भाईयों की हत्या के चश्मदीद गवाह राजीव रौशन की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए बचाव पक्ष के वकील वाई वी गिरि ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजेश की हत्या 16 जून 2014 को हुई थी और उस वक्त शहाबुद्दीन बिहार के भागलपुर जेल में बंद थे.
 
क्या था मामला ?
 
तेजाब कांड 11 साल पुराना मामला है. जिसमें शहर के प्रमुख व्यावसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के दो बेटों गिरीश और सतीश का अपहरण कर शरीर पर तेजाब डाल कर उनकी हत्या कर दी गयी थी. इन दोनों का शव बरामद नहीं हो सका था. वहीं चंदा बाबू का तीसरा बेटा राजीव रोशन भागने में सफल हो गया था.
 
इस मामले में राजीव रौशन गवाह थे, लेकिन गवाही के पहले उनकी भी हत्या कर दी गई. राजीव की ही हत्या के मामले में आज शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी.