नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक विरोधियों पर आपराधिक मानहानि मामले में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि मानहानि कानून को एक राजनीतिक जवाबी हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
 
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और आरएफ नरीमन की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की आलोचना करने के लिए विधायकों या नौकरशाहों के खिलाफ दाखिल मानहानि मामलों को एक “डरावना प्रभाव” बताया है.
 
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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार के भ्रष्टाचार और नाकामी को मानहानि नहीं कहा जा सकता है. यह फ्री स्पीच अधिकार को रोकने के बराबर है. कोर्ट ने दो हफ्ते में उन अपराधिक मानहानि मामलों की लिस्ट भी मांगी है जो राज्य सरकार ने दर्ज कराई है.

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