राजकोट. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का विवादों से चोली-दामन का साथ है. जेड प्लस सिक्यॉरिटी के बावजूद राहुल गांधी ऊना में दलित पीड़ित की मां समझकर जिस महिला को गले लगा कर सांत्वना दे रहे थे दरअसल वह मां ही नहीं थी.
 
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रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात के ऊना में दलितों की पिटाई के बाद अस्पताल में पीड़ितों से मिलने गए राहुल ने पीड़ित की मां समझकर जिस महिला को गले लगाया वो महिला मां नहीं है ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि रिश्ते में वह महिला पीड़ित की दूर की रिश्तेदार में भी नहीं है.
 
बता दें कि महिला की पहचान रामबेन मुछड़ियां के रुप में हुई है. उसके खिलाफ मालवीय नगर और प्रधुम्न नगर थानों में दो आपराधिक मामले भी दर्ज हैं. रामबेन 2009 में एक बिल्डर से धन उगाही के लिए फोन करने के आरोप हैं. वह कथित तौर पर 2012 में दंगा करने और सरकारी काम में बाधा डालने की भी आरोपी है.
 
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राहुल की जेड प्लस सिक्यॉरिटी के बावजूद कैसे मिलने में कामयाब रही ये महिला
 
अब राहुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. जेड प्लस सिक्यॉरिटी वाले किसी भी हस्ती से कैसे मिलने से पहले स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना देनी होती है. उसके बाद पास जारी किये जाते हैं. इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस भी शक के घेरे में है.

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