नई दिल्ली. संसद में मानसून सत्र की आज से शुरुआत हो गई है. सत्र के पहले दिन बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी शासित राज्यों के साथ-साथ देश भर में दलितों पर बढ़ रहे अत्याचारों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला. मायावती ने केंद्र सरकार दलितों के प्रति उदासीन है. जिसके कारण दलितों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं.
 
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उन्होंने कहा कि जब से बीजेपी की सरकार केंद्र में आई है तब से दलितों के शोषण के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है. जिससे बीजेपी और केंद्र सरकार की दलित विरोधी मानसिकता साफतौर पर दिखाई देती है. 
 
मायावती ने गुजरात में दलित युवकों की पिटाई का भी मामला जोर-शोर से उठाया. साथ ही अभी तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जाहिर की. बता दें कि गुजरात के ऊना कस्बे में पिछले दिनों कथित गोरक्षकों द्वारा मरी हुई गाय का चमड़ा उतारने वाले गरीब दलितों को बर्बरता पूर्वक पीटा गया था. इस मामले की मायावती ने सदन में कड़ी निंदा की है.  
 
मायावती ने कहा था कि केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद दलितों के खिलाफ उत्पीड़न की स्थिति भयावह रूप लेती जा रही है. खुद को गोरक्षक बताने वाले लोगों ने मरी हुई गाय का चमड़ा उतारने वाले चार दलितों को जिस तरह मारापीटा और बर्बर बर्ताव किया, वह सभ्य समाज के लिये कलंक है.
 
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बसपा मुखिया ने कहा था कि केन्द्र की मौजूदा भाजपानीत सरकार के सत्ता में आने के बाद, खासकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कट्टरवादी संगठनों के लोग, खुद को संविधान व कानून से ऊपर मानकर काम करने लगे हैं. यही कारण है कि भाजपा शासित राज्यों में वे लोग खुलेआम कानून को अपने हाथ में लेकर उन्माद और उपद्रव का वीभत्स प्रदर्शन कर रहे हैं. गरीब निर्दोष दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोग खासतौर से इनका शिकार बन रहे हैं.  
 

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