नई दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यपालों का पद खत्म करने की वकालत करते हुए कहा है कि मौजूदा संघीय ढांचे में उनकी जरूरत नहीं रह गई है और अगर ये संभव नहीं है तो कम से कम उनके विशेषाधिकार में कटौती की जाए. 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
दिल्ली में इंटर स्टेट काउंसिल की बैठक में नीतीश ने राज्यपालों को नियुक्त करने और हटाने में भी संबंधित राज्य के सीएम को शामिल करने की जरूरत बताई. नीतीश ने कहा, “मौजूदा संघीय ढांचे में राज्यपाल का पद जारी रखने की जरूरत नहीं है. अगर इसे खत्म करना संभव नहीं हो तो हमारा विचार है कि राज्यपालों की नियुक्ति बिल्कुल साफ-साफ परिभाषित हो और प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए.”
 
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कुछ वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों की सदस्यता वाली इंटर स्टेट काउंसिल की मीटिंग में नीतीश ने कहा कि संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री से राज्यपाल को हटाने से पहले सलाह लेना चाहिए और अगर जरूरत है तो ऐसा प्रावधान करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 155 में संशोधन करना चाहिए.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
बिहार में शराबबंदी के फैसले का जिक्र करते हुए नीतीश ने कहा कि पूरे देश में शराबबंदी होनी चाहिए. उन्होंने झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया कि बिहार की सीमा के 2 किलोमीटर अंदर तक वो शराब की दुकानों का लाइसेंस न दें.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App