मुंबई. महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का राज्य में स्टेट पार्टी का दर्जा छीन लिया है क्योंकि पार्टी ने आय-व्यय का ब्यौरा नहीं दिया था. इसका सीधा असर राज्य के नगर निगम चुनावों में पार्टी की हिस्सेदारी पर पड़ेगा और वो अपने सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी.
 
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महाराष्ट्र में निगम चुनावों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर का दर्जा प्राप्त पार्टियों को ही सिंबल पर कैंडिडेट उतारने का मौका मिलता है. ओवैसी की पार्टी का प्रांतीय पार्टी का दर्जा छिन जाने के बाद निगम चुनाव में AIMIM का कोई उम्मीदवार पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़ पाएगा बल्कि उसे निर्दलीय उतरना होगा.
 
ओवैसी की पार्टी ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में 24 कैंडिडेट उतारे थे जिसमें 2 जीतने में कामयाब रहे. औरंगाबाद सेंट्रल सीट से पार्टी के इम्तियाज़ जलील ने शिवसेना के पूर्व सांसद व शहर के पूर्व मेयर प्रदीप जायसवाल को 20 हजार वोट से हरा दिया था. मुंबई की भायखला सीट से पार्टी के यूसुफ पठान ने बीजेपी के मधुकर चव्हाण को हराया था.
 
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पार्टी ने 2012 में पहली बार राज्य में चुनाव जीत तब हासिल की थी जब उसके 13 कैंडिडेट नांदेड़-वघाला नगर परिषद का चुनाव जीत गए थे. पार्टी ने इस साल 1 नवंबर को होने वाले पुणे नगर निगम चुनाव को पूरी ताकत से लड़ने का फैसला किया था लेकिन अब राज्य पार्टी का दर्जा गंवाने के बाद उसकी ये हसरत और तैयारी अधर में लटक गई है.

 

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