लखनऊ. समाजवादी पार्टी की संसदीय बोर्ड ने मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. पार्टी ने इस विलय के सूत्रधार बलराम यादव को अखिलेश यादव मंत्रिमंडल में दोबारा मंत्री बनाने का फैसला किया है जिन्हें अखिलेश ने विलय के बाद बर्खास्त कर दिया था.
 
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समाजवादी पार्टी में दबंग मुख्तार अंसारी और अफज़ाल अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय के बाद सीएम अखिलेश यादव ने अपनी ही सरकार के मंत्री बलराम यादव को मंत्रिमंडल से निकाल दिया था. बलराम यादव ने ही मुख्तार और मुलायम सिंह के बीच विलय की बात कराई थी जिससे अखिलेश यादव भड़क गए थे.
 
 
अखिलेश की नाराज़गी को देखते हुए पार्टी संसदीय बोर्ड ने फैसला किया है कि एक तो कौमी एकता दल का सपा में विलय नहीं होगा और इस वजह से अखिलेश ने बलराम यादव को जिस मंत्री पद से हटा दिया था, उन्हें फिर से वो जगह देंगे.
 
 
बर्खास्तगी की खबर मिलने के बाद बलराम यादव मीडिया के सामने रो पड़े थे. रोते हुए बलराम ने कहा था कि समाजवादी पार्टी उनकी मां है और मुलायम सिंह उनके पिता की तरह हैं जो रिश्ता कभी बदलने वाला नहीं हैं.
 
 
अखिलेश यादव अपनी सरकार और पार्टी में क्रिमिनल छवि के नेताओं को तरजीह देने से बच रहे हैं. कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में बाहुबली अतीक अहमद जब उनके पास जाकर कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे तो अखिलेश ने उन्हें पीछे धकेल दिया था.

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