नई दिल्ली. केरल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और उन्हें इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने केरल विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की जीत के जश्न के दौरान 19-20 मई को अपने कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसा की औपचारिक शिकायत राष्ट्रपति से दर्ज कराई. 
 
CPI कार्यकर्ताओं ने किया हमला
केरल के त्रिशूर जिले के एडाविलंगु कुन्नेनी में एक विजय जुलूस के दौरान मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ता वी.आर. प्रमोद पर हमला कर दिया था. प्रमोद हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी. 
 
‘100 से भी BJP-RSS कार्यकर्ताओं की जा चुकी है हत्या’
ज्ञापन में कहा गया है, “हालांकि खासतौर पर यह घटना, केरल में चुनाव के बाद एलडीएफ द्वारा बरपाई गई हिंसा के मामलों में से एक है. लेकिन बीजेपी और आरएसएस के 100 से भी अधिक कार्यकर्ताओं की अपनी राष्ट्रीय नैतिक प्रतिबद्धता जारी रखने के लिए निर्ममता से हत्या की जा चुकी है.” ज्ञापन में कहा गया है, “वाम मोर्चा के सत्ता में आने के बाद, अब बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ और भी अधिक व्यापक स्तर पर हिंसा के संकेत मिल रहे हैं.” 
 
‘BJP के खिलाफ छेड़ सकते हैं बड़े पैमाने पर जिहाद’
प्रतिनिधिमंडल ने शंका जाहिर की कि केरल में वाम मोर्चा सरकार द्वारा बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर संगठित जिहाद छेड़ा जा सकता है. प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से पार्टी कार्यकर्ताओं पर और हमले रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया.
 
कौन-कौन था प्रतिनिधिमंडल में
प्रतिनिधिमंडल में नितिन गडकरी के अलावा केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, निर्मला सीतारमण और राजीव प्रताप रूडी, पार्टी सांसद मीनाक्षी लेखी, अर्जुन मेघवाल और एम.जे. अकबर और पार्टी की केरल इकाई के अध्यक्ष कुम्मनम राजशेखरन भी शामिल थे.

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