पटना. बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर महागठबंधन सरकार के मुखिया नीतीश कुमार पर गठबंधन के घटक दल आरजेडी के वरिष्ठ सांसद तस्लीमुद्दीन ने फिर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि नीतीश कुमार पीएम बनने चले हैं जबकि वो मुखिया बनने लायक भी नहीं हैं.
 
पांच बार सांसद बन चुके तस्लीमुद्दीन ने कहा कि वो तो चाहते हैं कि नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड से राष्ट्रीय जनता दल आज ही गठबंधन तोड़ लें लेकिन ये फैसला तो लालू यादव को करना है. तस्लीमुद्दीन ने नीतीश को सत्ता से हटाकर दम लेने की बात कही है और कहा कि वो बिहार में घूम-घूम कर नीतीश की खामियां बताएंगे.
 
जेडीयू नेताओं ने कहा, लालू यादव बड़बोले नेताओं को पार्टी से निकालें
 
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के चहते तस्लीमुद्दीन के एक के बाद एक नीतीश पर तीखे हमले को लेकर आरजेडी की चुप्पी से जेडीयू के नेता अब बिफरने लगे हैं. जेडीयू नेता संजय सिंह ने तस्लीमुद्दीन के साथ-साथ आरजेडी उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह को भी पार्टी से निकालने की मांग की है. आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा था कि आरजेडी सरकार में बैक सीट पर है इसलिए कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी ड्राइवर यानी नीतीश कुमार की है.
 
जेडीयू नेता श्याम रजक ने भी आरजेडी नेताओं के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि आरजेडी में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा किसी के कुछ भी बोलने का कोई मतलब नहीं हैं. रजक ने लालू से नीतीश के खिलाफ लगातार बयान दे रहे नेताओं पर कार्रवाई की अपील की है.
 
तस्लीमुद्दीन बिहार के सीमांचल इलाके के बड़े नेता हैं जिनको लेकर बीजेपी हमेशा से मुखर रही है. बीजेपी का आरोप रहा है कि इलाके में बांग्लादेशी घुसपैठियों को तस्लीमुद्दीन का संरक्षण है और वो खुद कई आपराधिक वारदातों के आरोपी हैं.
 
एमएलए बेटे की गिरफ्तारी और निलंबन के बाद से नीतीश को कोस रहे हैं तस्लीमुद्दीन
 
तस्लीमुद्दीन तब से सीएम नीतीश कुमार को लेकर तब से तल्ख हो गए हैं जब उनके बेटे और जेडीयू विधायक सरफराज आलम को राजधानी एक्सप्रेस में एक कपल के साथ दुर्व्यवहार के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया था और रेल पुलिस ने सरफराज को गिरफ्तार भी कर लिया था.
 
इसके बाद से ही तस्लीमुद्दीन रह-रहकर नीतीश कुमार और जेडीयू के खिलाफ आग उगलते रहते हैं. सरफराज के निलंबन के बाद तस्लीमुद्दीन ने कहा था कि वो पूरे राज्य में घूम-घूमकर लोगों को बताएंगे कि नीतीश कुमार की हां में हां नहीं मिलाने की वजह से उनके बेटे को एक साजिश के तहत फंसाकर निकाला गया है.
 
तस्लीमुद्दीन ने पिछले सप्ताह यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि नीतीश कुमार बिहार में सुशासन कायम रखने में नाकाम रहे हैं और वो पीएम मैटेरियल नहीं हैं. उन्होंने कहा था कि एक आदमी जो अपने राज्य में कानून-व्यव्स्था नहीं लागू कर पा रहा है, वो देश कैसे चलाएगा.

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