नई दिल्ली. संसद में मायावती और स्मृति ईरानी के बीच की जंग तो पूरे देश ने देखी. लेकिन इस जंग के बाद सोशल मीडिया में हिंदू धर्म को लेकर फिर से विवादित तस्वीरें पोस्ट की जाने लगीं. इस तस्वीर में मायावती का काली रूप दिखा है. संसद में मायावती और स्मृति ईरानी के बीच हुई जोड़दार बहस पर बसपा के एक कार्यकर्ता ने मायावती को ताकतवर दिखाने की होड़ में एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की है जिस पर विवाद हो सकता है.
 
मायावती का काली रूप को लेकर विवाद
इस तस्वीर में बसपा प्रमुख मायावती को हिंदुओं की देवी काली के रूप में दिखाया गया है. वहीं इस तस्वीर में मानव संसाधन विकास मंत्री स्‍मृति ईरानी का कटा हुआ सिर मायावती यानि देवी काली के हाथों में दिखाया गया है. इस तस्‍वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मायावती के पैरों के नीचे दबा हुआ दिखाया गया है. वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत को हाथ में लाठी लिए दुखी मुद्रा में दर्शाया गया है.
 
यह फोटो  खुद को बीएसपी का कार्यकर्ता बताने वाले बालमुकुंद धुरिया ने अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट की. इस तस्वीर के साथ धुरिया ने एक स्टेटस भी लिखा- ‘भाजपाइयों होशियार, नहीं चलेगा झूठ, बेईमानी का व्‍यापार, बहन जी हैं तैयार, अबकी बार बसपा सरकार.’
 
बता दें कि विवाद बढ़ता देख अपनी फेसबुक वॉल पर इस तस्‍वीर को पोस्‍ट करने वाले बालमुकुंद धुरिया ने बाद में इसे हटा लिया. साथ ही धुरिया ने अपने एक और स्‍टेटस में कहा कि वह किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते थे.
 
राज्यसभा में रोहित वेमुला मामले में बहस के दौरान स्मृति ईरानी ने मायावती से कहा था कि अगर वे उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं तो वह अपना सिर काटकर उनके कदमों में रख देंगी. ईरानी के इस बयान के बाद मायावती ने कहा था कि वह उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं अब स्मृति अपना सिर काटकर उनके कदमों में रखें. इस बहस के बाद ही खुद को बसपा कार्यकर्ता बताने वाले बालमुकुंद धुरिया ने यह विवादित तस्वीर पोस्ट की थी.
 
 
 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App