नैनीताल. केंद्र से जवाब मांगते हुए नैनीताल हाई कोर्ट के जज ने पूछा कि 27 तारीख को राष्ट्रपति शासन लगाने की जल्दी क्यों थी. जजों की पीठ ने कहा कि पूर्ण शक्ति किसी को भी भ्रष्ट कर सकती है. बता दें कि कोर्ट में फिलहाल बहस जारी है.
 
 
7अप्रैल को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के मुद्दे पर दायर याचिका की सुनवाई शुरू की थी. कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से सवाल किया कि जब विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए एक दिन का समय बचा था तो सरकार ने राष्ट्रपति शासन लगाने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई.
 
 
कोर्ट ने कहा, ‘किसी भी पार्टी को अपना बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का मौका देना जरूरी है और यह सबसे स्वस्थ प्रक्रिया है. ‘हाई कोर्ट ने कहा, ‘हमारी ड्यूटी ये है कि किसी भी स्थिति में धारा 356 का राजनीतिक इस्तेमाल न हो.’ कोर्ट में फिलहाल बहस जारी है.
 

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