नई दिल्ली. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की हिस्सेदारी वाले पूर्ति समूह में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को भी उनके इस्तीफे की मांग की, जिसके कारण राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई. सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस सदन की कार्यवाही जानबूझ कर बाधित कर रही है, क्योंकि वह कुछ विधेयकों को पारित नहीं होने देना चाहती.

गडकरी पहले ही वित्तीय लेन देन में पूर्ति समूह या खुद के किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने से इंकार कर चुके हैं. सदन की कार्यवाही मंगलवार को जैसे ही शुरू हुई, विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राज्यसभा में सोमवार को दिए गए गडकरी के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया, जिसे लेकर सोमवार को सदन की कार्यवाही बाधित रही.

जेटली ने हालांकि कहा, “लोक लेखा समिति (पीसीए) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रपट पर चर्चा करेगी. मंत्री कल यहां उपस्थित थे, तब आपने उनसे सफाई क्यों नहीं मांगी?” जेटली ने कहा, “यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है..आप सदन की कार्यवाही चलने देना नहीं चाहते, क्योंकि कुछ विधेयक हैं, जिन्हें आप पारित नहीं होने देना चाहते.” इसके बाद विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया और पूर्वाह्न् 11.30 बजे तक के लिए सदन को पहली बार और उसके बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए दूसरी बार स्थगित किया गया.

दोपहर में सदन की कार्यवाही जब फिर से शुरू हुई, तब भी स्थिति पूर्ववत बनी रही और कांग्रेस सदस्यों ने हाथ में तख्तियां लेकर सभापति की आसंदी के सामने हंगामा किया, जिसके बाद अपराह्न् 12.30 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही फिर से स्थगित कर दी गई. संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयारी है. शोरगुल के बीच सभापति एम. हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही अपराह्न् एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

IANS

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