चेन्नई. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार ऊर्जा का लाभ जनता को पहुंचाने के पक्ष में नहीं है बल्कि वह चाहती है कि बिजली चोर लाभान्वित हों. पार्टी की बैठक के बाद जावड़ेकर ने यह भी कहा कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से मिला नहीं जा सकता. जावड़ेकर से पहले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने भी हाल में नई दिल्ली में इसी तरह के विचार व्यक्त किए थे. 
 
तमिलनाडु के बिजली मंत्री नाथम आर. विश्वनाथन के उस बयान पर कि उज्जवल डिसकॉम गारंटी योजना (उदय) से केवल निजी बिजली उत्पादकों और बैंकों को लाभ होगा, जावड़ेकर ने कहा कि इस योजना से वास्तव में बिजली चोरी में कमी आएगी. जावड़ेकर के अनुसार, कई गैर बीजेपी शासित राज्यों सहित 18 राज्यों ने उदय योजना पर हस्ताक्षर किए हैं. इन राज्यों ने महसूस किया है कि इससे ईमानदार उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचेगा. 
 
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि इस योजना के जरिये करीब एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी. इससे कई बिजली वितरण कंपनियां घाटे से निकल जाएंगी. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु विद्युत वितरण कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 12 हजार करोड़ रुपये के घाटे की खबर दी थी. 
 
उन्होंने तमिलनाडु सरकार को कम कीमत पर एलईडी बल्ब मुहैया कराने की उजाला योजना में नहीं शामिल होने को भी गलत ठहराया. इससे देश के करीब नौ करोड़ लोग लाभान्वित हो चुके हैं.

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