नई दिल्ली. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग जारी होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन पहुंच कर राष्ट्रपति से मुलाकात की.  राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उत्तराखंड में रावत सरकार अल्पमत में है उन्हें सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है. कांग्रेस के विधायक असंतुष्ट हैं और वे मुख्यमंत्री हरीश रावत का नेतृत्व नहीं चाहते हैं. 
 
कांग्रेस ने BJP विधायकों की खरीद-फरोख्त की
कैलाश विजयवर्गीय ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हरीश रावत के सौदेबाजी में लिप्त होने के वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस अल्पमत में है. भ्रष्टाचार और अन्य कारणों से सीएम को विधायकों का समर्थन प्राप्त नहीं है जबकि बीजेपी के पास विधायकों का समर्थन है. उन्होंने कहा कि स्टिंग वीडियो से यह बात स्पष्ट है कि कांग्रेस द्वारा विधायकों को तोड़ने और उनकी खरीद-फरोख्त का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि उन्होंने बीजेपी को लेकर अधिक कुछ नहीं कहा लेकिन उनका कहना था कि सीएम हरीश रावत ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं वे गलत हैं.
 
‘विधायकों की सदस्यता निरस्त हुई तो यह लोकतंत्र की हत्या’
विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में रावत सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बीजेपी विधायक को प्रलोभन देकर किसी बोर्ड का उपाध्यक्ष बना दिया है. विजयवर्गीय ने कहा कि स्टिंग सामने आने के बाद बहुमत की आवश्यकता नहीं है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि विधायकों की सदस्यता निरस्त हुई तो यह लोकतंत्र की हत्या होगी. 
 
‘राज्यपाल ने इतना समय क्यों दिया’
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि रावत को सत्ता में एक क्षण भी रहने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हमने राज्यपाल को बताया था कि प्रदेश सरकार खरीद-फरोख्त में संलग्न होगी. हमारी समझ में यह नहीं आ रहा है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए इतना समय क्यों दिया गया. हमारी आशंका सही साबित हुई है. यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि हरीश रावत अपने ही विधायकों को खरीदने में लगे हुए हैं.’ 
 
क्या था मामला?
उत्तराखंड सीएम का एक स्टिंग वीडियो शनिवार को जारी होने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है. स्टिंग में सीएम बागियों को अपनी तरफ मिलाने के लिए लेने-देन की बात करते दिखाई दे रहे हैं.

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