पटना. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बजट में बिहार पैकेज का कोई जिक्र नहीं है. मुख्यमंत्री ने बजट को निराशा से भरा करार दिया है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले कहा था कि देश के 125 करोड़ लोग उनकी परीक्षा लेंगे. आम बजट पेश हो गया है और बजट को कोई पास मार्क्स भी नहीं दे सकता है. बजट का परीक्षाफल प्रकाशित होने से इसमें प्रधानमंत्री फेल हो गए हैं.

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कहीं से नहीं लग रहा था कि वित्त मंत्री या अर्थशास्त्री का बजट भाषण है, लगा कि एक वकील का बजट भाषण है.

सीएम नीतीश ने कहा कि बजट में आम लोगों को कोई राहत नहीं मिलनेवाली है. इसमें कालाधन वालों को फायदा होगा. उनके लिए एमेनेस्टी स्कीम लायी जा रही है. साफ है कि अवैध धन को वैध करने के लिए केंद्र एमेनेस्टी स्कीम लाई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बिहार को न तो विशेष राज्य का दर्जा देने की बात हुई और न ही विशेष पैकेज की ही चर्चा की गयी. सरकार ने पहले जो कुछ दिया था और विशेष पैकेज में जो कहा था, वह भी आम बजट से गायब हो गया. बजट में किसान, कृषि, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की बात की गयी, लेकिन कहीं से भी कोई कंक्रीट कार्यक्रम नहीं दिखा.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार योजनाओं से अपने हाथ खींच रही है. इससे विकसित राज्यों का विकास तो हो गया, लेकिन जो राज्य पिछड़े थे, उनके हक के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया. बजट में क्षेत्रीय संतुलन भी नहीं बनाया गया.

नीतीश कुमार ने कहा कि बजट में केंद्र के आर्थिक पैकेज और बीआरजीएफ का नाम तक नहीं है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के लिए तो स्वर्णिम अवसर था. ये लोग सिर्फ बोलने में माहिर हैं. बाद में उसे नजरअंदाज कर देते हैं. यह उनकी आदत हो चुकी है.

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