नई दिल्ली. माकपा ने वामपंथी और प्रगतिशील छात्र नेताओं की जेएनयू में मनमाने तरीके से की गई गिरफ्तारी की निंदा की और इसे आरएसएस और यूनिवर्सिटी में मौजूद आरएसएस समर्थकों की लंबे समय से चल रही एक साजिश बताया.
 
माकपा की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कुमार की गिरफ्तारी परिसर में जम्मू-कश्मीर मसले पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के लिए की गई है. 
 
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर गिरफ्तारी की इमरजेंसी जैसे हालात से तुलना की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘जेएनयू में क्या हो रहा है? कैंपस में पुलिस है, छात्रावासों से छात्रों को उठाया गया और गिरफ्तार किया गया. ऐसा आपातकाल (1975-77) के दौरान हुआ था.’
 
येचुरी ने कहा कन्हैया कुमार आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) से संबद्ध हैं, जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की छात्र शाखा है. माकपा ने बगैर गिरफ्तारी वारंट के हॉस्टलों पर छापा मारने और छात्र नेताओं की तलाश करने का पुलिस पर भी आरोप लगाया है. माकपा की छात्र शाखा एसएफआई की जेएनयू में मजबूत उपस्थिति है. येचुरी ने कहा कि देश की एकता-अखंडता बनाए रखने में यूनिवर्सिटी के छात्र आंदोलन का अद्वितीय रिकार्ड रहा है.
 
येचुरी ने कहा, “यह आरएसएस और परिसर में मौजूद आरएसएस समर्थकों की लंबे समय से चल रही एक साजिश है. जेएनयू परिसर में इस गैरलोकतांत्रिक अधिनायकवादी हमले को बीजेपी की केंद्र सरकार द्वारा प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में असहमति को चुप कराने के राज्य प्रायोजित प्रयास के आलोक में देखा जा रहा है.” माकपा ने गिरफ्तार नेताओं को तत्काल रिहा करने और कश्मीर पर मंगलवार को हुई बैठक की एक उचित जांच कराने की मांग की है.

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