लखनऊ. अपने दो करीबियों को पार्टी से निकालने से नाराज़ यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने अपने मंत्री चाचा शिवपाल सिंह यादव के करीबी राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त पैकफेड चेयरमैन तोताराम यादव को शिवपाल के सामने उनके मंच से गिरफ्तार करवा दिया. इसी नाराजगी के कारण अखिलेश इस बार सैफई महोत्सव भी नहीं गए हैं.
 
विधायन एवं निर्माण सहकारी संघ के चेयरमैन तोताराम को मैनपुरी में शिवपाल सिंह यादव के एक कार्यक्रम के दौरान उनके मंच पर से ही पुलिस पंचायत चुनाव के दौरान बूथ कब्जा के एक मामले में गिरफ्तार करके ले गई.
 
 
राज्य के प्रोसेसिंग एण्ड कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव फेडरेशन यानी पैकफेड अध्यक्ष तोताराम का पंचायत चुनाव के दौरान बूथ कब्जा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसके बाद पुलिस ने तोताराम समेत 20 लोगों पर केस किया था.
 
चाचा के नहले पर भतीजे का दहला
 
तोताराम का फेडरेशन उसी विभाग के तहत आता है जिसके शिवपाल मंत्री हैं. बूथ कब्जा का पुलिस केस दर्ज होने के बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी तो इसकी वजह शिवपाल का करीबी होना ही माना जाता था. तोताराम की गिरफ़्तारी को सीधे तौर पर अखिलेश के क़रीबियों पर कार्रवाई के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.
 
समाजवादी पार्टी की सरकार के इतिहास में पहली बार इस तरह की कोई गिरफ़्तारी हुई है. बसपा की सरकार में तत्कालीन सीएम मायावती ने अपने पार्टी के सांसद रमाकान्त यादव को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर गिरफ़्तार करवाया था.
 
सुनील और आनंद को निकालने से नाराज़ हैं अखिलेश
 
सूत्रों का कहना है कि अखिलेश के दो करीबी सुनील सिंह और आनंद भदौरिया को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आदेश पर शिवपाल ने पार्टी से निकाल दिया था. इस निष्कासन से नाराज अखिलेश ने सैफई जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया.
 
सूत्रों का कहना है कि मुलायम ने सुनील और आनंद को निकालने पर अखिलेश से बात नहीं की थी और खुद को भरोसे में नहीं लेने से अखिलेश रूठ गए हैं.

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