नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में पंचायती राज दिवस के मौके पर कहा, ‘पंचायतों को पंचवर्षीय योजनाओं की आदत डालनी चाहिए, सिर्फ बजट से गांव की स्थिति नहीं बदलेगी. गांव के सभी सपने बड़े हैं. किसी बच्चे ने स्कूल छोड़ा तो गांव के प्रधान को पीड़ा होनी चाहिए, गांव में मिलकर नेतृत्व होना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि गांव के रिटायर लोगों से भी बात करनी चाहिए, गांव का जन्मदिन मनाया जाना चाहिए.एक गांव साल में 5 परिवारों को गरीबी से बाहर लाए तो सोचिए देश कैसे बदलेगा.सरपंच पति का कल्चर खत्म करना होगा.