शकूरबस्ती. दिल्ली के शकूरबस्ती इलाके में झुग्गियां गिराए जाने के दौरान कथित तौर पर छह महीने की एक बच्ची की मौत को लेकर अब केंद्र और विपक्षी पार्टियां आमने-सामने आ गई हैं. आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को अहम् मानते हुए आज इसे संसद में उठाने की घोषणा की है. उधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज शकूरबस्ती के का दौरा कर सकते हैं. 
 
भीषण सर्दी में लोग खुले में बिता रहे हैं रात
दिल्ली से शकूरबस्ती इलाके में रहने वाले हजारों लोगों की दूसरी रात भी ठिठुरती ठंड में खुले आसमान के नीचे ही बीती. रेलवे ने शनिवार की सुबह इन लोगों की झुग्गियों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया था. यहां रहने वाले कुछ लोगों ने अस्थायी छत का इंतजाम तो कर लिया, लेकिन ज़्यादातर ने पूरी रात यहां के लोगों ने अलाव के सहारे ही काटी.
 
मौत का जिम्मेदार कौन
शनिवार को रेलवे पुलिस और रेलवे के अधिकारियों ने झुग्गी हटाने की कार्रवाई की, जिसमें एक बच्ची की मौत की खबर है. इस पर सियासत शुरू हो गई और यहां रह रहे लोग जैसे-तैसे अपनी रात काटने को मजबूर हो गए. शकूर बस्ती में झुग्गियों को गिराए जाने का मामला गरमाया इसलिए क्योंकि यहां के लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक मासूम बच्ची की मौत हो गई जबकि कार्रवाई करने वाली रेलवे का कहना है कि यह आरोप गलत है. बच्ची की मौत पहले ही हो चुकी थी. अब इस मामले में दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं.
 
रेलवे की सफाई
रेलवे की सफ़ाई है कि जिस ज़मीन पर झुग्गियां हैं, वहां नया यात्री टमिर्नल बनना है. लोगों को 9 महीने से लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन किसी ने भी ज़मीन खाली नहीं की. रेलवे का ये भी दावा है कि बच्ची की मौत सुबह 10 बजे हुई, जबकि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई दोपहर 12 बजे हुई. नॉर्दन रेलवे के डीआरएम अरुण अरोड़ा ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का भी साफ आदेश है कि रेलवे लाइन या उसके आसपास किसी तरह की गंदगी या मलबा नहीं होना चाहिए. रेलवे ने बयान में भी कहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही बच्‍ची की मौत हो गई थी.