नई दिल्ली. लोकसभा में जारी असहिष्णुता पर बहस सीपीएम नेता सलीम के बयान के बाद से हंगामें में बदल गई और लोक्सबह को 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा. सलीम ने कहा कि राजनाथ सिंह ने मोदी के जीतने के बाद बयान दिया था कि 800 साल बाद भारत में ‘हिंदू शासक’ आया है. इस पर राजनाथ सिंह नाराज हो गए और बीजेपी ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया. 
 
 
लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने कई दफा बीच-बचाव की कोशिश की. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर कोई भी बात संसद कि रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाएगी. इससे पहले कार्यवाही शुरू होते ही पेरिस हमले को लेकर निंदा प्रस्ताव पास किया गया. रूसी यात्री विमान को गिराने की भी निंदा की गई.
 
इस बीच सरकार ने काम रोककर असहिष्णुता पर बहस की कांग्रेस की मांग नामंजूर कर दी है. सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम इस मसले पर संबोधन दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि असहिष्णुता खुल्लम-खुल्ला चल रही है. उन्होंने कहा कि असहिष्णुता पर पीएम चुप क्यों हैं.  पीएम मोदी के ‘मन की बात’ पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार केवल ‘आउटगोइंग कॉल’ पर चल रही है, जबकि ‘इनकमिंग कॉल’ की भी जरूरत है.
 
दादरी कांड पर भी उन्होंने सरकार को घेरा. संसद में उस समय हंगामा मच गया जब सलीम ने कहा कि ‘राजनाथ सिंह ने कहा था कि 800 साल बाद भारत में हिंदू शासक आया है.’ इस पर राजनाथ सिंह नाराज हो गए और उन्होंने सलीम से माफी मांगने की बात कही. इस पर दोनों पक्षों में जमकर बहसबाजी हुई.  सलीम लगातार पत्रिका आउटलुक के लेख का उल्लेख करते रहें.

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