‘हासिल’ से लेकर ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ तक, इन फिल्मों में तिग्मांशु धूलिया ने निभाई जबरदस्त भूमिका; देखें लिस्ट
Tigmanshu Dhulia Movies: तिग्मांशु धूलिया ने अपने करियर में अभिनेता-लेखक-निर्देशक के रूप कई जबरदस्त भूमिकाएं निभाई हैं. इस लिस्ट में ‘हासिल’, पान सिंह तोमर और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्में शामिल हैं. आज 3 जुलाई को उनके जन्मदिन के अवसर पर जानते हैं उनके कुछ शानदार प्रोजक्ट्स.
गैंग्स ऑफ वासेपुर
अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक गैंगस्टर और कोयला खनन के एक क्रूर सरगना के बीच टकराव की कहानी है. फिल्म में मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पीयूष मिश्रा, तिग्मांशु धूलिया और ऋचा चड्ढा ने शानदार अभिनय किया है. फिल्म का दूसरा भाग 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की रिलीज के दो महीने बाद सिनेमाघरों में आया था.
हासिल
तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी फिल्म 'हासिल 'शायद उन शुरुआती फिल्मों में से एक थी जिसने दिल्ली और मुंबई के नाटक को छोटे शहरों के केंद्र में स्थापित किया, यह फिल्म अपने परिवेश की तरह ही कठोर और यथार्थवादी थी, छात्र राजनीति पर आधारित इस फिल्म में दो छात्र नेता गौरी शंकर (आशुतोष राणा) और रणविजय सिंह (इरफान खान) अपना दबदबा कायम करने पर तुले हुए थे.
मांझी- द माउंटेन मैन
केतन मेहता के निर्देशन में बनी फिल्म 'मांझी- द माउंटेन मैन' ने सभी का दिल जीतने का काम किया था. फिल्म की कहानी दशरथ मांझी नाम के एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पत्नी को खोने के बाद उस पहाड़ से बदला लेने का फैसला करता है जिसने उसकी पत्नी को जरूरी चिकित्सा सहायता मिलने से रोका था. वह 22 साल तक पहाड़ को काटकर पास के एक गांव तक रास्ता बनाता है ताकि चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण किसी और की मृत्यु न हो. फिल्म में तिग्मांशु धूलिया और पंकज त्रिपाठी ने अत्याचारी जमींदारों के रूप में अपने किरदारों को बखूबी निभाया है.
पान सिंह तोमर
तिग्मांशू धूलिया की फिल्म 'पान सिंह तोमर' में इरफान खान ने एथलीट से डकैत बने पान सिंह तोमर का किरदार निभाया था. एक पूर्व सैनिक, न्याय से हर तरफ से वंचित होने पर बंदूक उठाने पर मजबूर हो जाता है. तिग्मांशु धूलिया ने एक ऐसे व्यक्ति की मार्मिक कहानी सुनाई है जो अगर समाज अलग होता तो कहीं अधिक सफल हो सकता था.
शाहिद
शाहिद, एक बायोपिक, मानवाधिकार वकील शाहिद आज़मी की वास्तविक जीवन कहानी पर आधारित है. उन्होंने उन गरीब और निर्दोष लोगों के लिए लड़ाई लड़ी जिन्हें आतंकवादी होने के आरोप में जेल में डाल दिया गया था या गिरफ्तार कर लिया गया था. 2010 में, मुंबई में 26/11 हमलों के आरोपी फहीम अंसारी का बचाव करते हुए उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. शाहिद अपनी दिलचस्प कहानी और राजकुमार राव, मोहम्मद जीशान अय्यूब, तिग्मांशु धूलिया और केके मेनन के दमदार अभिनय के लिए अवश्य देखने लायक फिल्म है.