Suspense Thriller Movies: वो 5 फिल्में, जिनकी कहानी आपको सोचने पर कर देगी मजबूर, ट्विस्ट और रोमांच ऐसी कि घूम जाएगा दिमाग
Suspense Thriller Movies: दृश्यम फिल्म सीरीज का सफर इसके तीसरे और आखिरी हिस्से की रिलीज के साथ पूरा हो गया है. ‘दृश्यम 3’ या ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इसमें अजय देवगन ने विजय सलगांवकर का किरदार निभाया है-एक ऐसा पारिवारिक व्यक्ति जो सालों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों से हमेशा एक कदम आगे रहा है. अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, रजत कपूर, जयदीप अहलावत और प्रकाश राज जैसे कलाकार हैं. अगर आपने ‘दृश्यम’ का तीसरा भाग देख लिया है और ऐसी और फिल्में देखना चाहते हैं जिनमें आपको पता न हो कि आगे क्या होने वाला है, तो ऐसे में आज हम आपको ऐसी 5 थ्रिलर फिल्मों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आपको अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए.
महाराजा (2024)
विजय सेतुपति ने 'महाराजा' का किरदार निभाया है, जो एक शांत स्वभाव का नाई है और एक अजीब सी शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचता है. उसका धातु का डस्टबिन, जिसे वह "लक्ष्मी" कहता है, चोरी हो गया है. जो बात पहले मामूली लगती है, वह जल्द ही एक बहुत ही गंभीर मोड़ ले लेती है, क्योंकि पुलिस के पास जाने के पीछे महाराजा का असली मकसद सामने आने लगता है. इस फिल्म को देखने के बाद आपको हर एक पल में रोमांच देखने को मिलेगा. जो आपके दिमाग को पूरी तरह से हिला देगा.
जाने जान (2023)
कालिम्पोंग में सेट, 'जाने जान' माया (करीना कपूर खान) की कहानी है, जो एक सिंगल मदर है और अपनी बेटी के साथ एक शांत जिंदगी बिताने की कोशिश कर रही है. उसका अतीत तब उसके सामने आ खड़ा होता है जब उसका बुरा बर्ताव करने वाला पूर्व पति अचानक वापस आ जाता है. एक टकराव के बाद जब उसकी मौत हो जाती है, तो माया के सामने लाश को छिपाने और ऐसी स्थिति से निपटने की चुनौती होती है जो उसे जल्द ही मुसीबत में डाल सकती है. आपको ये फिल्म सोचने पर मजबूर कर देगी कि आखिर आगे क्या होने वाला है.
अंधाधुन (2018)
आकाश (आयुष्मान खुराना) एक पियानो बजाने वाला है जो अंधे होने का नाटक करता है क्योंकि उसे लगता है कि इससे उसे अपने संगीत पर बेहतर ध्यान लगाने में मदद मिलती है. उसका यह झूठ तब तक काम करता है जब उसे एक रिटायर्ड फिल्म एक्टर के घर पर परफॉर्म करने के लिए बुलाया जाता है. एक आम परफॉर्मेंस के तौर पर शुरू हुई यह घटना तब एक बहुत ही डरावनी स्थिति में बदल जाती है जब आकाश खुद को एक मर्डर के बीच पाता है.
कहानी (2012)
विद्या बागची (विद्या बालन) लंदन से कोलकाता आती हैं. वह प्रेग्नेंट हैं और अपने लापता पति की तलाश कर रही हैं. उन्हें इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि उनके पति कहां हो सकते हैं और उन्हें मिलने वाला हर सुराग और ज्यादा सवाल खड़े करता है. जल्द ही वह एक बहुत बड़े रहस्य में फंस जाती हैं, जहां उनके पति के होने का सबूत मिलना भी मुश्किल हो जाता है.
पोर थोजिल (2023)
प्रकाश (अशोक सेलवन) एक युवा पुलिस अफसर है जिसे उम्मीद से कहीं जल्दी एक बड़े केस को संभालने का मौका मिलता है. उसे युवा महिलाओं की हत्याओं की एक सीरीज की जांच का काम सौंपा जाता है और उसकी जोड़ी अनुभवी लेकिन मुश्किल स्वभाव वाले लोगनाथन (आर. सरथकुमार) के साथ बनाई जाती है. दोनों की पर्सनैलिटी बहुत अलग है, लेकिन उन्हें अपने मतभेदों को किनारे रखकर कातिल के काम करने के तरीके को समझना होगा और उसे दोबारा हमला करने से पहले रोकना होगा.