काजू कतली, गुलाब जामुन, खोया बर्फी और लड्डू भी… ‘रक्षाबंधन’ की खुशियों में जहर न घोल दे आपकी फेवरेट मिठाई, 7 तरीकों से पहचानें असली है या मिलावटी!
Rakshabandhan 2026 Special: त्योहार आते ही बाजार में -तरह-तरह की मिठाइयों की खुशबू फैल जाती है, लेकिन इसी के साथ मिलावटखोरों का काला कारोबार भी पीक पर होता है. तभी तो रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर जब मावे और मिठाइयों की डिमांड अचानक आसमान छूने लगती है, तो अक्सर ऐसी खबरें सुनने को मिलती हैं कि छापेमारी के दौरान हजारों किलो नकली मावा या खोया पकड़ा गया है. ये नकली खोया असली दूध से नहीं, बल्कि स्किम मिल्क पाउडर, स्टार्च और वनस्पति घी जैसी घटिया चीजों से तैयार किया जाता है.हैरानी की बात यह है कि अमृतसर, मेरठ, फरीदकोट और लुधियाना जैसे शहरों में हर साल त्योहारों से ठीक पहले ऐसे खुलासे आम बात हो गए हैं.कई बार मिलावटी मिठाईयां खाने से होने वाली फूड पॉइजनिंग के कारण परिवार के कई सदस्यों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाता है. ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि त्योहार की खुशियां और अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए असली और मिलावटी मिठाइयों की पहचान करना सीख लें, ताकि आप और आपके परिवार सुरक्षित और खुशी-खुशी रक्षाबंधन के त्योहार का आनंद ले सके. यहां हमने मिठाइयों की पहचान के 7 वैज्ञानिक और साधारण तरीके बताए हैं जिसे मिठाई खरीदने से पहले उसके सैंपल पर ट्राई कर सकते हैं.
1. आयोडीन टेस्ट
खोये में स्टार्च या मैदे की मिलावट का पता लगाने के लिए आयोडीन टेस्ट सबसे अचूक तरीका है. इसके लिए खोये का एक छोटा टुकड़ा लें, उसे थोड़े से गुनगुने पानी में मिलाएं और उसमें आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें. आयोडीन जैसे ही स्टार्च के संपर्क में आता है, उसका रंग बदलकर नीला या काला हो जाता है. वहीं, अगर खोया पूरी तरह शुद्ध है तो उसके रंग में कोई बदलाव नहीं आएगा. अगर आपकी मिठाई का रंग नीला पड़ जाए, समझ लीजिए कि उसमें सस्ते स्टार्च की मिलावट की गई है.
2. पाम टेस्ट
असली और नकली खोये की पहचान आप अपनी हथेलियों से भी बहुत आसानी से कर सकते हैं. थोड़ी सी मात्रा में खोया लेकर अपनी उंगलियों या हथेलियों के बीच अच्छी तरह रगड़ें. असली खोये में नेचुरल मिल्क फैट यानी प्राकृतिक चिकनाई होती है, जिससे यह हल्का दानेदार महसूस होता है और उंगलियों पर एक हल्की सी चिकनी परत छोड़ जाता है. वहीं दूसरी तरफ, नकली खोया फैट की कमी के कारण या तो बहुत ज्यादा चिकना और पास्टी होता है या फिर बिल्कुल सूखा महसूस होता है.
3. पानी में घोलकर जांचना
खोये की शुद्धता जांचने का यह एक और बेहतरीन तरीका है. खोये के एक छोटे टुकड़े को एक गिलास गुनगुने पानी में डालकर छोड़ दें. शुद्ध खोया पानी में पूरी तरह नहीं घुलता, बल्कि पानी को थोड़ा मटमैला कर देता है और खुद एक जगह बना रहता है. इसके उलट, अगर खोये में स्टार्च या सोपस्टोन पाउडर (साबुन का चूरा) मिलाया गया है, तो वह पानी में बहुत तेजी से घुल जाएगा और गिलास के तले में एक किरकिरा अवशेष छोड़ देगा.
4. असली और नकली वर्क की पहचान
त्योहारों पर मिठाइयों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उन पर चांदी का वर्क लगाया जाता है. असली चांदी का वर्क इतना नरम होता है कि जब आप उसे उंगलियों के बीच रगड़ेंगे, तो वह पूरी तरह आपकी त्वचा में घुल जाएगा. इसके विपरीत, अगर वह नकली वर्क हुआ जो आमतौर पर एल्युमिनियम फॉइल से बनाया जाता है, तो वह रगड़ने पर एक छोटी और सख्त गोली की तरह बन जाएगा. एल्युमिनियम का यह वर्क सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इसे चेक करना बेहद जरूरी है.
5. मिठाई का सुर्ख रंग और क्वालिटी चेक
बाजार में मिलने वाली कई मिठाइयों पर जरूरत से ज्यादा चमकीले और भड़कीले रंग (खासकर गहरे लाल, हरे या नारंगी रंग) चढ़े होते हैं. ऐसे रंगों को देखकर तुरंत सतर्क हो जाएं क्योंकि कई दुकानदार मिठाइयों को सुंदर दिखाने के लिए नॉन-फूड-ग्रेड रंगों का इस्तेमाल करते हैं. ये खतरनाक रंग खाने से गंभीर एलर्जी या पेट की बीमारियां हो सकती हैं. दूध से बनी असली मिठाइयों का रंग प्राकृतिक रूप से सफेद या हल्के क्रीम कलर का ही होता है.
6. महक और स्वाद की परख
यह सबसे आसान तरीका है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. ताजे और असली खोये में हमेशा हल्के गर्म दूध या शुद्ध घी जैसी भीनी-भीनी खुशबू आती है. अगर आपको मिठाई से कोई अजीब सी बासी, खट्टी या फफूंद जैसी महक आए, या उसका स्वाद प्राकृतिक मिठास की बजाय थोड़ा कड़वा लगे, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला है. ऐसा खाना आपके शरीर को बीमार करने के लिए काफी है, इसलिए तुरंत उस मिठाई से दूरी बना लें.
7. सेलर, पैकेजिंग और लाइसेंस चेक
मिठाई खरीदते समय हमेशा यह ध्यान रखें कि आप किस दुकान से सामान ले रहे हैं. दुकानदार के पास FSSAI का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन है या नहीं, इस बात की पुष्टि जरूर करें. अगर कोई दुकान बाकी दुकानों के मुकाबले बहुत ज्यादा सस्ती मिठाइयां बेच रहा है, तो समझ लें कि वहां क्वालिटी के साथ समझौता किया जा रहा है. इसके अलावा, डिब्बाबंद मिठाइयों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. भीड़भाड़ वाले त्योहारों के समय खुली मिठाइयों की क्वालिटी अक्सर गिर जाती है, इसलिए हमेशा भरोसेमंद और साफ-सुथरी जगह से ही खरीदारी करें.