Kargil Vijay Diwas Special: सिल्वर SCREEN पर जिंदा हुई भारत के वीर सपूतों की अमर गाथा, रोंगटे खड़े कर देंगी ये 7 फिल्में और वेब सीरीज!
भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1999 में लड़ी गई कारगिल की जंग देश के इतिहास में दर्ज एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जिसे आज भी याद कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. इस ऐतिहासिक युद्ध में हमारे जवानों की वीरता और बलिदान को कई फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए बड़े पर्दे पर उतारा गया है. इनमें अपकमिंग सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ भी शामिल है जिसके जरिए वॉर में वायुसेना के रोल को सिलवर स्क्रीन पर उतारने की तैयारी चल रही है. कारगिल विजय दिवस के खास मौके पर आइए जानते हैं उन चुनिंदा फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के बारे में, जिन्होंने कारगिल की उस खौफनाक जंग और सैनिकों के अदम्य साहस को पर्दे पर जिंदा कर दिया.
ऑपरेशन सफेद सागर (2026)
कारगिल युद्ध में इंडियन एयरफोर्स को ऑपरेशन पर बेस्ड यह अपकमिंग वेब सीरीज, 'गोल्डन एरो' स्क्वाड्रन के जांबाज पायलटों की उन वीर गाथाओं को सामने लाती है, जिन्होंने एयर वॉर में पराक्रम दिखाते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम रोल अदा किया. इसमें जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा, तारुक रैना और प्राजक्ता कोली जैसे जाने-माने आर्टिस्ट नजर आएंगे.
शेरशाह (2021)
यह मूवी मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा की लाइफ पर बेस्ड है. सिद्धार्थ मल्होत्रा ने इस किरदार को बखूबी निभाया और स्क्रीन पर उस हर एक मूमेंट को उतारा जिसमें कैप्टन बत्रा और इंडियव आर्मी के जवानों ने प्वाइंट 5140 और प्वाइंट 4875 पर तिरंगा फहराया. उनकी बहादुरी कारगिल युद्ध का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई थी.
LOC: कारगिल (2003)
जे.पी. दत्ता के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन विजय' पर बेस्ड है. कारगिल सेक्टर की बर्फीली चोटियों पर लड़ी गई जंग पर बेस्ड फिल्म में अक्षय खन्ना, अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सैफ अली खान जैसे कई दिग्गज कलाकारों ने फौजियों का किरदार निभाया था.
गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020)
यह बायोग्राफिकल ड्रामा मूवी वायु सेना की पायलट गुंजन सक्सेना की लाइफ पर बेस्ड है, जो वॉर एरिया में उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला पायलटों में शामिल थीं. मूवी में दिखाया है कि कैसे उन्होंने घायल सैनिकों को निकालने, जरूरी सामान पहुंचाने और निगरानी रखने में अपनी जान की बाजी लगा दी थी. गुंजन सक्सेना ने कारगिल से 900 से ज्यादा सैनिकों (घायलों और शहीदों) को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी.
टैंगो चार्ली (2005)
बॉबी देओल स्टारर यह फिल्म बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक जवान तरुण चौहान के सफर को दिखाती है, जो एक सिंपल से रिक्रूट से वॉर जोन का एक कड़क सिपाही बनता है. उग्रवाद और आतंकवाद विरोधी अभियानों से गुजरते हुए अंत में इस जवान और उसकी बटालियन को कारगिल युद्ध के मैदान में भेजा जाता है.
लक्ष्य (2004)
ऋतिक रोशन की यह कमिंग-ऑफ़-एज फिल्म एक ऐसे बेपरवाह नौजवान करण की कहानी है, जो बिना किसी मकसद के सेना में भर्ती तो होता है, लेकिन शुरुआती मुश्किलों से घबराकर वापस लौट आता है. हालांकि, अपनी प्रेमिका (प्रीति जिंटा) के तानों के बाद उसे अपनी गलती का अहसास होता है और वह सेना में दोबारा लौटकर कारगिल की बर्फीली पहाड़ियों पर दुश्मन से लोहा लेता है और प्वाइंट 5179 को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाता है.
कुरुक्षेत्र (2008)
साल 2006 की फिल्म 'कीर्ति चक्र' का सीक्वल और मेजर महादेवन फिल्म सीरीज की यह दूसरी मलयालम फिल्म है, जिसका बैकग्राउंड कारगिल वॉर पर बेस्ड है. इसमें मोहनलाल ने कर्नल महादेवन का दमदार किरदार निभाया है, जो कारगिल युद्ध के दौरान तोललिंग की ऐतिहासिक लड़ाई में पाकिस्तानी सेना के कर्नल चंगेज का डटकर मुकाबला करते हैं.