• Home>
  • Gallery»
  • पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी

Traditional Roti: भारत की रोटियां सिर्फ भोजन नहीं, संस्कृति की पहचान हैंभारत को विविधताओं का देश कहा जाता है और यह विविधता यहां के खानपान में साफ दिखाई देती है. हर राज्य का अपना अलग स्वाद, अलग मसाले  अलग भोजन शैली है. रोटियों की बात करें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी पारंपरिक रोटियां बनाई जाती हैं, जो पीढ़ियों से लोगों की थाली का हिस्सा रही हैं. इन रोटियों में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि उस क्षेत्र का इतिहास, संस्कृति और परंपरा भी छिपी होती है.


By: Ranjana Sharma | Published: July 5, 2026 1:23:58 PM IST

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी - Photo Gallery
1/7

पंजाब की मिस्सी रोटी

मिस्सी रोटी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की सबसे लोकप्रिय रोटियों में से एक मानी जाती है. इसे बेसन, गेहूं के आटे, अजवाइन, धनिया और कई देसी मसालों को मिलाकर तैयार किया जाता है. यह सामान्य रोटी की तुलना में अधिक पौष्टिक मानी जाती है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है.

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी - Photo Gallery
2/7

राजस्थान की खोबा रोटी

राजस्थान की पारंपरिक खोबा रोटी अपनी खास बनावट और डिजाइन के लिए जानी जाती है. इस रोटी को मोटे गेहूं के आटे से तैयार किया जाता है और इसके ऊपर उंगलियों की मदद से खूबसूरत डिजाइन बनाए जाते हैं, जिन्हें ‘खोबा’ कहा जाता है.

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी - Photo Gallery
3/7

झारखंड की चिल्का रोटी

झारखंड की पारंपरिक चिल्का रोटी चावल और चने की दाल के मिश्रण से बनाई जाती है. यह रोटी प्रोटीन और पोषण से भरपूर मानी जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह आज भी नाश्ते और भोजन का अहम हिस्सा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हल्की होने के साथ-साथ पेट भरने वाली भी होती है. इसे हरी चटनी, सब्जी या दही के साथ परोसा जाता है. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है.

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी - Photo Gallery
4/7

कर्नाटक की अक्की रोटी

अक्की रोटी कर्नाटक की सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक रोटियों में से एक है. इसे चावल के आटे, प्याज, हरी मिर्च, करी पत्ता, धनिया और अन्य मसालों को मिलाकर बनाया जाता है. यह रोटी बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से नरम होती है. आमतौर पर इसे नारियल की चटनी, सांभर, अचार या दही के साथ खाया जाता है. कर्नाटक के घरों में यह नाश्ते और रात के खाने दोनों में पसंद की जाती है.

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी - Photo Gallery
5/7

गुजरात की दही वाली रोटी

गुजरात की दही वाली रोटी अपने सॉफ्ट टेक्सचर और हल्के स्वाद के लिए जानी जाती है. इसे तैयार करने के लिए आटे में दही मिलाया जाता है, जिससे रोटी लंबे समय तक नरम बनी रहती है. यात्रा के दौरान भी यह रोटी काफी पसंद की जाती है क्योंकि यह जल्दी खराब नहीं होती. इसे सब्जी, अचार या दाल के साथ खाया जाता है. स्वाद और पोषण का यह अनोखा मेल गुजरात की रसोई की खास पहचान है.

तंदूरी रोटी, उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय रोटी

उत्तर भारत में तंदूरी रोटी का अपना अलग ही स्थान है. तंदूर में पकने के कारण इसमें हल्का स्मोकी फ्लेवर आता है, जो इसके स्वाद को और खास बना देता है. रेस्तरां, ढाबों और घरों में तंदूरी रोटी को दाल मखनी, शाही पनीर, चिकन करी और अन्य व्यंजनों के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. इसकी मुलायम बनावट और हल्का कुरकुरापन इसे लोगों की पसंदीदा रोटियों में शामिल करता है.

पंजाब की मिस्सी से राजस्थान की खोबा तक, हर राज्य की अपनी पहचान, हर रोटी की अपनी कहानी - Photo Gallery
7/7

मल्टीग्रेन रोटी, स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल

गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मल्टीग्रेन रोटी तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का और अन्य अनाजों के मिश्रण से तैयार किया जाता है. फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर यह रोटी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. डायबिटीज और वजन नियंत्रित रखने वाले लोग भी इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं.