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देश के इतिहास में पहली बार! ED ने जब्त Hawker 800A चार्टर्ड विमान को किया नीलाम; आखिर क्या थी वजह?

Hawker 800A Charter Plane Auction: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई में एक ऐसा कदम उठाया है, जो देश में पहली बार देखने को मिला है. एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जब्त किए गए Hawker 800A चार्टर्ड विमान की सफलतापूर्व नीलामी कर नई मिसाल कायम की है. यह विमान 3 करोड़ रुपये में बेचा गया है और इस बिक्री से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल अदालत की अनुमति मिलने के बाद कथित ठगी के शिकार निवेशकों को उनका पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा.


By: Shristi S | Published: July 3, 2026 6:08:55 PM IST

पहली बार जब्त विमान की हुई नीलामी - Photo Gallery
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पहली बार जब्त विमान की हुई नीलामी

ED के हैदारबाद जोनल कार्यालय ने 1 जुलाई 2026 को Hawker 800A चार्टर्ड विमान की नीलामी सरकारी ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म MSTC के माध्यम से की. विमान 3 करोड़ रुपये में बेचा गया. एजेंसी के अनुसार, यह देश का पहला मामला है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान जब्त किए गए विमान को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीलाम किया गया है.

कैसे हुआ था Hawker 800A चार्टर्ड विमान जब्त? - Photo Gallery
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कैसे हुआ था Hawker 800A चार्टर्ड विमान जब्त?

Hawker 800A चार्टर्ड विमान 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईडी की छापेमारी के दौरान जब्त किया गया था. यह कार्रवाई कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमुख अमरदीप कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान की गई थी. बाद में ईडी ने जब्ती को PMLA की निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष चुनौती के लिए पेश किया. 18 अगस्त 2025 को प्राधिकरण ने विमान की जब्ती को वैध ठहराया. इसके बाद एजेंसी ने विमान बेचने की अनुमति मांगी, जिसे 20 नवंबर 2025 को मंजूरी मिल गई.

792 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला - Photo Gallery
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792 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला

ED की जांच के अनुसार, हैदराबाद स्थित कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड पर हजारों निवेशकों से करीब 792 करोड़ रुपये की कथित ठगी करने का आरोप है. जांच में सामने आया कि कंपनी ने निवेशकों को इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम के नाम पर ऊंचे मुनाफे का लालच दिया. दावा किया गया कि विवेशकों का पैसा वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में लगाया जाएगा, लेकिन जांच के दौरान ऐसा कोई वैध कारोबार नहीं मिला. ईडी का आरोप है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर पोंजी स्कीम चलाने में किया गया.

ED ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया - Photo Gallery
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ED ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया

ED ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें अमरदीप कुमार के भाई संदीप कुमार, चार्टर्ड अकाउंटेंट शरद चंद्र तोषनीवाल और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के CEO आर्यन सिंह छाबड़ा शामिल हैं. ED ने इस मामले में 29 सितंबर, 2025 को कोर्ट में चार्जशीट भी फाइल की थी. ED का कहना है कि एयरक्राफ्ट की बिक्री से मिले ₹3 करोड़ सीधे सरकारी अकाउंट में जमा किए जाएंगे.

निवेशकों को कैसे मिलेगा पैसा? - Photo Gallery
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निवेशकों को कैसे मिलेगा पैसा?

ईडी के मुताबिक, विमान की बिक्री से प्राप्त 3 करोड़ रुपये फिलहाल सरकारी खाते में जमा किए जाएंगे. इसके बाद विशेष PMLA अदालत की अनुमति मिलने पर यह राशि उन वास्तविक निवेशकों को लौटाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाएगी, जिन्होंने इस कथित फर्जी निवेश योजना में अपना पैसा गंवाया था.

कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की जांच अभी जारी - Photo Gallery
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कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की जांच अभी जारी

कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कहा कि एजेंसी का मकसद सिर्फ़ क्रिमिनल्स के खिलाफ एक्शन लेना ही नहीं है, बल्कि उनके एसेट्स को सीज करना और विक्टिम्स को पैसे वापस करना भी है. एजेंसी ने साफ किया कि इस मामले की इन्वेस्टिगेशन चल रही है और फ्यूचर में और एक्शन लिया जा सकता है.