विदेश में लोग अंतिम संस्कार में छाता लेकर क्यों जाते हैं? फिल्मों में दिखने वाली परंपरा आखिर क्या है; जानें दिलचस्प वजह
Foreign Funeral Umbrella Tradition: विदेशी फिल्मों और वेब सीरीज में आपने कई बार देखा होगा कि जब किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार होता है और उसे कब्रिस्तान में दफनाया जाता है, तो वहां मौजूद ज्यादातर लोग हाथ में काला छाता लिए नजर आते हैं. पहली नजर में ऐसा लगता है कि शायद यह सिर्फ बारिश से बचने के लिए हो, लेकिन हर देश में इसकी वजह एक जैसी नहीं है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें की आखिर अंतिम संस्कार में छाता लेकर जाने की परंपरा क्यों है.
अंतिम संस्कार के दौरान फिल्मों में छाता क्यों दिखाते हैं?
यूरोपियन और चीनी फिल्मों में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों के हाथ में काला छाता अक्सर दिखाई देता है. यही वजह है कि कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ बारिश से बचने के लिए होता है या इसके पीछे कोई खास परंपरा भी है.
चीन में अंतिम संस्कार में छाते को क्यों माना जाता है खास?
चीन की पारंपरिक मान्यताओं में छाते को सिर्फ बारिश से बचाने वाली वस्तु नहीं माना जाता. कुछ मान्यता के अनुसार यह परालौकिक शक्तियों और आत्माओं से जुड़ा प्रतीक माना जाता है. इसी कारण अंतिम संस्कार में इसका विशेष महत्व बताया जाता है.
मृतक की आत्मा की सुरक्षा से जुड़ी है छाते की मान्यता
कुछ पारंपरिक चीनी अंतिम संस्कारों में मृतक की तस्वीर या शव के ऊपर काली छतरी रखी जाती है. मान्यता है कि इससे आत्मा तेज धूप या सूर्य की किरणों से सुरक्षित रहती है और उसकी अंतिम यात्रा शांतिपूर्वक पूरी होती है. यह एक सांस्कृतिक और धार्मिक विश्वास है, जिसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
चीन में छाता गिफ्ट करना क्यों माना जाता है अशुभ?
चीनी संस्कृति में छाता उपहार के रूप में देना शुभ नहीं माना जाता. वहां यह माना जाता है कि छाता रिश्तों में दूरी या अलगाव का प्रतीक हो सकता है. इसी वजह से लोग अपने करीबी रिश्तेदारों या दोस्तों को छाता उपहार में देने से बचते हैं.
क्या ब्रिटेन में भी अंतिम संस्कार में लोग छाता लेकर पहुंचते है?
ब्रिटेन में अंतिम संस्कार के दौरान छाता लेकर जाने की वजह पूरी तरह अलग है. यहां यह किसी धार्मिक मान्यता से जुड़ा नहीं है, बल्कि मौसम की अनिश्चितता से जुड़ी एक व्यावहारिक जरूरत है.
ब्रिटेन में अंतिम संस्कार वाले छाते को क्या कहते है?
ब्रिटेन में छाते को बोलचाल की भाषा में ब्रोली भी कहा जाता है. अंतिम संस्कार में लोग अक्सर काले रंगा का छाता लेकर पहुंचते हैं, जो वहां की औपचारिक और शोक सभाओं की परंपरा का हिस्सा बन चुकी है.
ब्रिटेन में बारिश से बचाव ने कैसे बना दी परंपरा?
ब्रिटेन में मौसम कभी भी बदल सकता है और अचानक बारिश होना आम बात है. ऐसे में अंतिम संस्कार के दौरान लोग पहले से छाता साथ रखते हैं, ताकि समारोह बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक पूरा हो सके और लोग मौसम की वजह से इधर-उधर भागने को मजबूर न हों.