सेकेंड हैंड मोबाइल खरीद रहे हैं? पहले जान लें पुलिस की बताए ये जरूरी नियम, वरना कानूनी पचड़े में फंस जाएंगे
Second Hand Mobile Phone: आज के समय में सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदना एक आम बात हो गई है. कम कीमत में महंगा फोन मिलने के लालच में लोग अक्सर बिना जांच-पड़ताल के डील कर लेते हैं. लेकिन यह जल्दबाजी आपको कानूनी पचड़े में फंसा सकती है. अगर खरीदा गया फोन चोरी का निकला या किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है, तो जांच एजेंसियां आपसे भी पूछताछ कर सकती हैं. ऐसे में पुलिस ने सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने और बेचने वालों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है, तो चलिए विस्तार से जानें की पुराना फोन खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
सिर्फ सस्ती कीमत देखकर न खरीदें मोबाइल
कम दाम में अच्छा स्मार्टफोन मिलना आकर्षक लग सकता है, लेकिन बिना पूरी जानकारी के खरीदा गया फोन आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है. खरीदने से पहले फोन की वैधता और उसके दस्तावेज जरूर जांचें.
दुकानदार से मांगें जरूरी दस्तावेज
पुराना मोबाइल खरीदते समय विक्रेता की पहचान, खरीद का बिल, आधार कार्ड की कॉपी और फोन किसके नाम पर रजिस्टर्ड है, इसकी जानकारी जरूर लें. इससे भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में आपकी सुरक्षा रहती है.
IMEI नंबर की जांच करना न भूलें
फोन खरीदने से पहले उसका 15 अंकों का IMEI नंबर जरूर चेक करें. इसके लिए फोन में *#06# डायल करें और फिर संचार साथी (CEIR) पोर्टल या KYM सेवा के जरिए जांच करें कि फोन ब्लैकलिस्टेड या चोरी का तो नहीं है.
बॉक्स, बिल और फोन का IMEI नंबर मिलाएं
फोन के बॉक्स, खरीद के बिल और डिवाइस में मौजूद IMEI नंबर एक जैसे होने चाहिए. अगर इनमें अंतर है या नंबर बदला हुआ लगता है, तो ऐसा फोन खरीदने से बचें.
संदिग्ध डील से रहें दूर
अगर कोई व्यक्ति बाजार कीमत से बहुत कम दाम में मोबाइल बेच रहा है या दस्तावेज देने से बच रहा है, तो सतर्क हो जाएं. ऐसे मामलों में सौदा करने के बजाय पुलिस को सूचना देना बेहतर विकल्प है.
मोबाइल चोरी हो जाए तो तुरंत करें शिकायत
अगर आपका फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए, तो बिना देरी किए CEIR पोर्टल पर उसे ब्लॉक करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं. समय पर शिकायत करने से फोन मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है.