सतलुज ही नहीं, इससे पहले ये 7 फिल्में भी की जा चुकीं बैन, कुछ पहले तो कुछ पर बाद में लगाई गई रोक
Banned Movies in India: हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज रिलीज हुई थी. इसे रिलीज के 48 घंटों के अंदर ही बैन कर दिया गया. ये फिल्म रिलीज के समय से ही काफी विवादों में रही है. रिलीज से पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने फिल्म में 127 कट लगाने और बदलाव करने के लिए कहा था. इसके बाद इसे रिलीज करने की अनुमति दी गई. इसके बावजूद फिल्म काफी विवादों में रही. हालांकि ये पहली फिल्म नहीं है जिसे रिलीज करने के बाद बैन किया गया हो. इससे पहले कुछ फिल्मों को रिलीज के बाद, तो कुछ को रिलीज से पहले बैन किया गया.
सतलुज 2026
इसमें पहला विवाद था फिल्म की कहानी. फिल्म की कहानी उग्रवाद के समय में हजारों अज्ञात शवों को कथित तौर पर दाह संस्कार पर बेस्ड है, जो गैर-कानूनी था. इसके बाद मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ, जिसके कारण इस पर प्रतिबंध लगाया गया. हालांकि इस फिल्म को हटाने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पंजाब के कई राजनीतिक दलों ने कहा कि ये फिल्म सच्ची घटना पर आधारित थी, जिसके कारण इसे हटाया गया है. इसे बैन करके सच को दबाने की कोशिश की जा रही है.
आंधी 1975
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से प्रेरित फिल्म आंधी 1975 में रिलीज हुई थी. हालांकि रिलीज के कुछ समय बाद ही आपातकाल के दौरान इस फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था. इसे दो साल बाद दोबारा 1977 में नई सरकार आने के बाद रिलीज किया गया था.
फायर 1996
1996 में बनी फिल्म फायर में दो महिलाओं के बीच समलैंगिक संबंधों को दिखाया गया था. इसे दीपा मेहता ने डायरेक्ट किया था. रिलीज के बाद फिल्म के कंटेंट को लेकर काफी विवाद हुआ, जिसके बाद इसे बैन कर दिया गया था.
बैंडिट क्वीन 1994
1994 में बनी फिल्म बैंडिट क्वीन फूलन देवी की कहानी पर आधारित फिल्म है. इस फिल्म में काफी गाली गलौज और हिंसक दृश्य दिखाए गए थे, जिस पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी. विवाद के दो साल बाद फिल्म में कुछ बदलाव कर उसे दोबारा रिलीज किया गया.
परजानियां 2005
साल 2005 में बनी फिल्म परजानिया 2002 में हुए गुजरात दंगों पर बेस्ड कहानी थी. फिल्म को सुरक्षा कारणों और बजरंग दल के विरोध ने रिलीज नहीं होने दिया था. फिल्म को गुजरात में रिलीज नहीं होने दिया गया था.
पांच 2003
2003 में बनी फिल्म पांच अनुराग कश्यप की पहली डायरेक्टेड फिल्म थी. इस फिल्म में काफी हिंसा, ड्रग्स और गाली-गलौज दिखाया गया था. इसके कारण सेंसर बोर्ड ने इसे रिलीज सर्टिफिकेट नहीं दिया था.
गुलाबी आईना 2003
2003 में बनी फिल्म गुलाबी आईना समलैंगिक पर आधारित फिल्म थी, जिसकी कहाानी को लेकर सेंसर बोर्ड ने मंजूरी नहीं दी थी. साथ ही सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को अश्लील मानकर बैन कर दिया था.