डेटॉल भी 100% कीटाणु… दुबई के शेखों के साथ सोने वाले बयान से मचा था हंगामा; ट्रोलिंग के बीच अपूर्वा मखीजा ने मांगी माफी
Apoorva Mukhija Apology Statement: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा जो रेबेल किड के नाम से भी मशहूर है, का एक बयान वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें करोड़ों रुपये का ऑफर मिले तो वह दुबई के शेखों के साथ में सो सकती है. इस पूरे बयान ने इंटरनेट पर काफी बवाल मचाया है. कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल भी किया है. लेकिन इन सबके बावजूद अब अपूर्वा का माफी वाला वीडियो वायरल हो रहा है. ऐसे में चलिए जानें कि उन्होंने क्या कहा है.
अपूर्वा मखीजा ने शेखों के साथ सोने वाले बयान पर बवाल
वायरल वीडियो में अपूर्वा ने कहा कि सर, मैं किसी छोटे-मोटे रोल के लिए किसी के साथ नहीं सोऊंगी. लेकिन अगर दुबई का कोई शेख़ मुझ पर 10-15 करोड़ रुपये बरसाए, तो मैं इस बारे में सोच सकती हूं. इस बयान से हंगामा मच गया और लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
अपूर्वा मखीजा का माफी वाला बयान
अपूर्वा मखीजा को ऑनलाइन काफी ट्रोल किया गया. बाद में उन्होंने माफ़ी मांगी और विवाद को खत्म किया. अपने कैप्शन में अपूर्वा ने लिखा कि अगर कोई मेरे मुंह पर 15-20 करोड़ रुपये फेंके, तो मैं चुप रहने के बारे में सोच सकती हूं. यह मेरा माफ़ी मांगने वाला वीडियो है.
बोलने से पहले नहीं सोचती- अपूर्वा मखीजा
अपूर्वा मखीजा कहती हैं लोगों को लगता है कि यह लड़की बस कुछ भी बोल देती है. वह बोलने से पहले सोचती नहीं है; उसके मन में कोई फ़िल्टर नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुझे असल में कितना सोचना पड़ता है?
मेरा दिमाग लगातार चलता रहता है- अपूर्वा मखीजा
अपूर्वा मखीजा ने कहा कि मेरा दिमाग लगातार चलता रहता है. बोलने से पहले मुझे बहुत सी चीज़ों को फ़िल्टर करना पड़ता है. क्योंकि मेरे दिमाग में कई तरह के अजीबोगरीब ख्याल आते हैं ऐसी बातें जो मुझे और मेरे दोस्तों को तो मज़ेदार लगती हैं, लेकिन जो पब्लिक बातचीत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होतीं.
डेटॉल भी 100 प्रतिशत कीटाणुओं को नहीं मारता- अपूर्वा मखीजा
अपूर्वा मखीजा आगे कहती हैं कि उन हज़ारों या लाखों ख्यालों में से एक-दो ख्याल गलती से मुंह से निकल ही जाते हैं. आखिर, आप चाहे कितना भी फ़िल्टर कर लें, डेटॉल भी 100 प्रतिशत कीटाणुओं को नहीं मार सकता.
मैं जान-बूझकर कुछ नहीं कहती- अपूर्वा
लोगों को लगता है कि मैं ये बातें जान-बूझकर कहती हूं कि मैं सोचती हूं, 'अरे, मज़ा आएगा अगर लोग मुझे 'कैंसल' कर दें.' लेकिन सच तो यह है कि मुझे अक्सर पता भी नहीं चलता कि जो मैं कह रही हूं, उससे लोगों को बुरा लग सकता है.