‘महानायक’ अमिताभ से लेकर ‘खिलाड़ी’ अक्षय तक! जब करियर के ढलान पर थे करोड़ों कमाने वाले 7 सुपरस्टार्स, ‘B-Grade’ फिल्मों में करना पड़ा था काम!
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया जितनी शानदार बाहर से दिखती है, इसके रास्ते उतने ही कांटों भरे और संघर्ष से भरपूर रहे हैं. आज फिल्मी परदे पर राज करने वाले बड़े-बड़े सुपरस्टार्स को देखकर शायद ही कोई यह अंदाजा लगा सके कि करियर की शुरुआत में या बुरे दौर में उन्हें किन-किन हालातों का सामना करना पड़ा था. क्या आप जानते हैं कि इंडस्ट्री के महानायक से लेकर आज की टॉप एक्ट्रेसेस तक, कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने अपने शुरुआती दिनों में या करियर के ढलान पर बी-ग्रेड (B-Grade) और कम बजट की फिल्मों में काम किया था? आइए आज आपको बताते हैं उन मशहूर बॉलीवुड सितारों के बारे में जिन्होंने कभी बी-ग्रेड फिल्मों का रुख किया था.
1. अमिताभ बच्चन
बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन का नाम इस लिस्ट में होना चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन करियर के शुरुआती स्ट्रगल के दिनों में बिग बी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. जब अमिताभ बच्चन अपने डूबते बिजनेस के कारण 90 करोड़ रुपये के कर्ज में फंस गए थे तो उतार-चढ़ाव वाले दौर में उन्होंने कुछ ऐसी फिल्में और प्रोजेक्ट्स भी किए जो मसाला और कम बजट की श्रेणी में गिने जाते थे.
2. अक्षय कुमार
आज बॉलीवुड के 'खिलाड़ी कुमार' यानी अक्षय कुमार बॉक्स ऑफिस के बादशाह माने जाते हैं. फिटनेस और एक्शन के मामले में उनका कोई मुकाबला नहीं है. लेकिन 90 के दशक में अक्षय कुमार ने अपने करियर की शुरुआत कई लो-बजट, एक्शन से भरपूर और बी-ग्रेड शैली की फिल्मों से की थी. उन्होंने मिस्टर बॉन्ड नाम की बी-ग्रेड या 'कल्ट क्लासिक' बी-सर्किट फिल्म में काम किया था जिसमें उनके साथ 3 एक्ट्रेसेस और थीं.
3. कैटरीना कैफ
खूबसूरत और पॉपुलर एक्ट्रेस कैटरीना कैफ आज करोड़ों दिलों पर राज करती हैं. लेकिन साल 2003 में कैटरीना ने निर्देशक कायजाद गुस्ताद की फिल्म 'बूम' (Boom) से अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में कई बोल्ड सीन्स और कंट्रोवर्सीज थीं, जिसके कारण इसे कमर्शियल फिल्मों से हटकर बी-ग्रेड या एडल्ट जॉनर के करीब माना गया था.
4. मिथुन चक्रवर्ती
भारतीय सिनेमा के 'डिस्को डांसर' और पद्म पुरस्कार से सम्मानित मिथुन दा का करियर प्रेरणा की एक मिसाल है. अपने शुरुआती दौर में उन्होंने जबरदस्त संघर्ष किया था. बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक मिलने से पहले और बाद में भी, मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करिश्माई और एक्शन से भरपूर अंदाज के जरिए गुंडा (1998), जल्लाद (1994)और चंदाल (1998) रावण राज (1995) जैसी कई कम बजट और बी-ग्रेड एक्शन फिल्मों में धड़ल्ले से काम किया, जो छोटे शहरों के सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स पर सुपरहिट साबित हुईं.
5. मनीषा कोइराला
90 के दशक में अपनी मासूमियत और बेहतरीन अभिनय से हर किसी को दीवाना बनाने वाली मनीषा कोइराला ने 'सालाह' और '1942: ए लव स्टोरी' जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया. लेकिन अपने करियर के एक दौर में जब उन्हें अच्छे ऑफर्स मिलने बंद हो गए और पर्सनल लाइफ में उथल-पुथल मची, तो उन्होंने कुछ कम बजट और विवादास्पद बी-ग्रेड या थ्रिलर फिल्मों जैसे- छोटी-सी लव स्टोरी (2002), चाहत एक नशा (2005) और कांति शाह की एक्शन फिल्म लोहा (1997)) का भी हिस्सा बनना स्वीकार किया.
6. नवाजुद्दीन सिद्दीकी
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से पास आउट होने के बाद नवाजुद्दीन को अपने लुक्स के कारण सालों तक इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए पाई-पाई का स्ट्रगल करना पड़ा. काम की तलाश में उन्होंने कई बी-ग्रेड फिल्मों और विज्ञापनों में छोटे-छोटे, बिना नाम के रोल्स (बैकग्राउंड एक्टर) किए. उन्होंने मिस लवली (2012), ब्लैक फ्राइडे(2007) और गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) जैसी फिल्मों में भी काम किया.
7. राजेश खन्ना
हिंदी सिनेमा के इतिहास के 'पहले सुपरस्टार' कहे जाने वाले राजेश खन्ना (काका) की दीवानगी का आलम 70 के दशक में ऐसा था कि लड़कियां उनकी सफेद कारों पर खून से खत लिखा करती थीं. लेकिन वक्त का पहिया घूमा और 80 के दशक के आते-आते अमिताभ बच्चन का दौर शुरू हो गया, जिससे राजेश खन्ना का स्टारडम फीका पड़ने लगा. करियर के ढलान पर और आर्थिक तंगी के चलते काका ने कुछ बी-ग्रेड और कम बजट की फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया. हालांकि, उनके स्टारडम को देखते हुए वे फिल्में भी सिनेमाघरों में चर्चा का विषय बन जाती थीं. ऐसी ही एक फिल्म का नाम है वफ़ा: ए डेडली लव स्टोरी (2008) है, जिसका निर्देशन राकेश सावंत ने किया था.