Bihar summer foods: गर्मियों में खाएं बिहार के ये पांच फूड, शरीर से लेकर दिमाग तक रहेगा ठंडा
गर्मियों में क्यों खास हैं बिहार के पारंपरिक फूड?
बिहार के कई पारंपरिक व्यंजन ऐसे हैं जो गर्म मौसम को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. ये फूड शरीर को ठंडक देने, पाचन को बेहतर बनाने और गर्मी से बचाने में मददगार माने जाते हैं.
सत्तू शरबत, गर्मी का देसी सुपरफूड
सत्तू बिहार का सबसे लोकप्रिय सुपरफूड माना जाता है. सत्तू, पानी, नींबू, काला नमक और भुना जीरा मिलाकर बनाया गया शरबत शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. यह डिहाइड्रेशन और लू से बचाव में भी मददगार माना जाता है.
सत्तू पराठा, स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल
सिर्फ सत्तू शरबत ही नहीं, सत्तू पराठा भी गर्मियों में काफी पसंद किया जाता है. यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने के साथ शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है.
दही-चूड़ा, ठंडक देने वाला पारंपरिक नाश्ता
दही-चूड़ा बिहार के सबसे लोकप्रिय पारंपरिक नाश्तों में से एक है. दही, चूड़ा और चीनी या गुड़ का यह संयोजन शरीर को ठंडक देता है, पाचन को दुरुस्त रखता है और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है.
दही-आलू भुजिया और चावल, हल्का और सुपाच्य भोजन
गर्मी के मौसम में दोपहर के खाने में सादा चावल, आलू की सूखी भुजिया और ठंडी दही का सेवन बिहार में काफी पसंद किया जाता है. यह भोजन हल्का, स्वादिष्ट और आसानी से पचने वाला माना जाता है.
दल पीठा, भाप में पकी हेल्दी डिश
दल पीठा चावल के आटे से तैयार की जाने वाली पारंपरिक डिश है. इसके अंदर चने की दाल और मसालों की स्टफिंग भरी जाती है. भाप में पकने के कारण यह कम तेल वाला और सुपाच्य भोजन माना जाता है.
गर्मियों में सेहतमंद रहने का देसी फॉर्मूला
सत्तू शरबत, दही-चूड़ा, आम पन्ना, दही-आलू भुजिया-चावल और दल पीठा जैसे फूड गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने, ऊर्जा बनाए रखने और पाचन को बेहतर रखने में मददगार माने जाते हैं. यही वजह है कि बिहार में ये व्यंजन आज भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं.