भारत के वो 5 क्रिकेटर्स, जो वर्ल्ड कप जिताकर भी हुए टीम इंडिया से बाहर, आज कोई कमेंटेटर है तो कोई बना कोच
भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर देश को जीत दिलाई. हालांकि क्रिकेट में सिर्फ एक बड़े टूर्नामेंट का अच्छा प्रदर्शन लंबे समय तक टीम में जगह की गारंटी नहीं देता. समय के साथ फॉर्म, फिटनेस और टीम में बदलाव के कारण कई दिग्गज खिलाड़ियों को भी भारतीय टीम से बाहर होना पड़ा. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में.
संजू सैमसन
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन भारत की खिताबी जीत के सबसे बड़े सितारों में रहे. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की और अपने दम पर कई मैचों का रुख भारत के पक्ष में मोड़ा. बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया. इसके बावजूद अगले जिम्बाब्वे दौरे के लिए उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली.
सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार यादव ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कप्तान के रूप में भारत को चैंपियन बनाया. उनकी कप्तानी की खूब तारीफ हुई, लेकिन टूर्नामेंट के बाद बल्ले से वह लगातार बड़ी पारियां नहीं खेल सके. खराब फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टी20 टीम से बाहर करने का फैसला लिया.
युवराज सिंह
2011 वनडे वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 28 साल बाद विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. पूरे टूर्नामेंट में उनके हरफनमौला खेल के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' का अवॉर्ड मिला.
गौतम गंभीर
गौतम गंभीर ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत के लिए मैच जिताऊ पारियां खेलीं. दोनों खिताबी मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी भारतीय जीत की सबसे मजबूत नींव बनी. इसके बावजूद बाद के सालों में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने और टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया.
हरभजन सिंह
हरभजन सिंह 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख स्पिन गेंदबाज थे. उन्होंने कई अहम मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी से टीम को सफलता दिलाई. लेकिन समय के साथ उनकी फॉर्म में गिरावट आई और युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिलने लगे. इसके बाद वह टीम इंडिया से बाहर हो गए .