इस्लामाबादः पाकिस्तान के चुनाव आयोग (इसीपी) ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि पाक चुनावों के दौरान महिला पोलिंग बूथों पर महिला पोलिंग एजेंटों की ही तैनाती की जाएगी. इसीपी ने ऐसा आदेश सामाजिक और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए दिया है. ईसीपी का कहना है कि नियमों में ऐसा कहीं भी नहीं लिखा है कि वे पार्टियों को सिर्फ महिला एजेंट रखने को बाध्य करें लेकिन सामाजिक मूल्यों और नैतिकता को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है. इसीपी ने कहा कि ऐसा पहले भी हो चुका है जब हालांकि ईसीपी ने साफ किया कि महिला बूथों पर पुरूष सुरक्षा बलों की नियुक्ति होगी.

ईसीपी के इस फैसले की सभी प्रमुख दलों ने निंदा की है. इन दलों का कहना है कि यह इसीपी द्वारा उठाया गया एक अनावश्यक कदम है. इससे चुनाव के दौरान विवाद और बढ़ेगा ही. इन सभी पार्टियों का कहना है कि अगर चुनाव आयोग को ऐसा करना ही था तो उसे पहले से ही इसके लिए दिशा-निर्देश दे देने चाहिए थे ताकि वे अपने महिला कार्यकर्ताओं को एजेंट बनने के लिए तैयार कर सकें. इन सभी पार्टियों का कहना है कि इस वजह से चुनाव में धांधली भी हो सकती है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई दिन बुधवार को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार सोमवार की आधी रात के बाद खत्म हो गया है. पाकिस्तान के चुनावों में इस बार शाहबाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन, इमरान खान की पार्टी पीटीआई और बिलावल अली भुट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी प्रमुख दावेदार हैं. पाक चुनाव से जुड़ी अन्य खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

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