इस्लामाबादः पाकिस्तान में आज वो घड़ी आ चुकी है, जिसका सभी को बरसों से इंतजार था. आज सुबह 8 बजे से आम चुनाव के लिए वोटिंग शुरू होगी. यहां नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज), इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और बिलावल भुट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच कांटे की टक्कर है. इस चुनाव के लिए पाकिस्तान के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती की गई है. 3 लाख 70 हजार से ज्यादा सेना के जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है.

आज 3,71,388 सेना के जवान करीब 85 हजार मतदान केंद्रों पर पहरा देंगे. इसके अलावा साढ़े 4 लाख पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है. इतनी अधिक संख्या में सेना के जवानों की तैनाती की वजह से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई पर चुनाव को हाईजैक करने के आरोप भी लग रहे हैं. पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एक मंच से इस बात को दोहरा चुके हैं. सेना को मजिस्ट्रेट पॉवर मिलने के बाद इस मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया.

पाकिस्तानी सेना पर इमरान खान की पार्टी को जिताने के लिए हर संभव कोशिश करने का आरोप लग रहा है. अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी इस मामले को अपनी-अपनी जनसभा में मंच से दोहराया. दूसरी ओर सेना ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बयान जारी किया. सेना ने कहा कि उनका काम सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखना है. देशभर में जवानों को तैनात करने का काम लगभग पूरा हो चुका है.

सेना के जवान स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि हम लोगों को सुरक्षित माहौल दें ताकि वह वोट डालने के लिए घरों से बाहर निकले और इस चुनावी त्योहार में शरीक होते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान हुए आतंकी हमलों में अभी तक 150 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

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