खैबर पख्तूनख्वा: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोग बड़े नामों को देखकर वोट नहीं करते. इस बार के चुनाव परिणामों को देखकर तो यही लगता है. इस बार के चुनावों में यहां के प्रांत के लोगों ने बिलावल भुट्टो और शाहबाज शरीफ समेत 6 अध्यक्षों को मात दी है. इस बार के चुनाव में पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पीएमएल-एन अध्यक्ष शहबाज शरीफ, मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान, जमात-ए-इस्लामी प्रमुख अमीर सिराजुल हक, अवामी नेशनल पार्टी प्रमुख असफंदर वली खान और कौमी वतन पार्टी के अध्यक्ष अफताब को हार का सामना करना पड़ा.

यहां के मतदाताओं का कहना है कि ये सभी नेता अवसरवादी हैं. ये लोग सिर्फ अपने सीट बढ़ाने के लिए खैबर से चुनाव लड़ते हैं और बाद में इस्तीफा दे देते हैं. मतदाताओं ने कहा कि उन्हें पता था कि ये सभी नेता अपने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सीटें खाली कर देंगे और अपने गृह नगर निर्वाचन क्षेत्रों में सीटों को बनाए रखना पसंद करेंगे.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ को स्वात के एनए-3 में पीटीआई के सलीम रहमान के हाथों हार का सामना करना पड़ा. वहीं मलकंद के एनए-8 में पीपीपी के युवा अध्यक्ष बिलावल भुट्टो को अपने पहले ही चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें पीटीआई के जुनैद अकबर ने हराया. आपको बता दें कि मालकंद एक बार पीपीपी का गढ़ हुआ करता था. वहीं डेरा इस्माइल खान में पीटीआई के याकूब शेख ने एमएमए प्रमुख रहमान को हरा दिया.

इसी प्रकार, पीटीआई के बशीर खान ने डिर जिले में जमात-ए-इस्लामी प्रमुख हक के खिलाफ चुनाव जीता. आपको बता दें कि डिर भी लंबे समय तक जमात-ए-इस्लामी का गढ़ रहा है. हक ने खैबर-पख्तूनख्वा सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे हैं.

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