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श्यामजी कृष्ण वर्मा : भगत सिंह ने रखी थी शोक सभा, मोदी लाए थे अस्थियां

तारीख थी 30 मार्च 1930 और वक्त था रात के 11.30 बजे. जेनेवा के एक हॉस्पिटल में भारत मां के एक सच्चे सपूत ने आखिरी सांस ली और उनकी मौत पर लाहौर की जेल में भगत सिंह और उसके साथियों....Read More

280 साल पहले 28 मार्च को बाजीराव ने घेर ली दिल्ली, मुगल बादशाह छुप गया था लाल किले में….!

जब से संजय लीला भंसाली ने बाजीराव मस्तानी नाम की फिल्म बनाने का ऐलान किया था, तब से लग रहा था कि शायद अब तक हिंदुस्तान के इतिहासकारों ने मराठा इतिहास के सबसे बड़े नायक के साथ जो अन्याय किया है, उससे....Read More

चालीस साल पहले आज के ही दिन इंदिरा के इस्तीफे की पूरी कहानी

नई दिल्ली : 22 मार्च 1977, भारत के इतिहास में एक बड़ा दिन. वो दिन जिस दिन पहली बार देश में गैर कांग्रेसी सरकार की नींव पड़ी. वो दिन जिस दिन इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी के बाद चुनावों में मिली करारी....Read More

मोदी का ज्वार थमा ? घटने लगी है शाखाओं की वृद्धि दर

जैसे-जैसे देश का समृद्धि की ओर बढ़ते हैं उनकी विकास दर घटती जाती है.  बिलकुल ऐसा ही राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ हो रहा है. पिछले सात सालों में आरएसस ने अपनी रोज की शाखाएं तो करीब चालीस हजार से बढ़ाकर....Read More

हार कर जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं लेकिन जो जीती हुई बाज़ी हारे उसे….कांग्रेस!!

गोवा के बाद ये कटाक्ष भले ही कांग्रेस के ज़ख्मों पर नमक जैसा लगे लेकिन कांग्रेस अपनी दुर्दशा के लिए खुद ही जिम्मेदार है. देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाज़ा खटखटाने में कांग्रेस ने जितनी फुर्ती दिखाई, अगर उतनी....Read More

आप का “राजनीति” शास्त्र और पंजाब के सबक

अरविंद केजरीवाल की राजनीति के लिये पंजाब एक बड़े सबक की तरह है. गोवा में उम्मीदों के ज्वार का उठना और नतीजे में उनके भाटे की तरह गिरना जमीनी सच्चाई से दूर नहीं था, लेकिन पंजाब में चीजें बिल्कुल अलग....Read More

उत्तर प्रदेश का जनादेश और मोदी होने के मायने

उत्तर प्रदेश से जो जनादेश है उसका चाहे जितना पोस्टमार्टम कर लें, खुद बीजेपी के लिये भी ये समझ पाना मुश्किल है कि ऐसा हुआ कैसे! लेकिन सुनामी आई और इसने कई जकड़बंदियों, राजनीतिक रिवाजों , फरेब के हवाईकिलों और....Read More

10 मार्च को देशद्रोह के आरोप में गांधी जी की गिरफ्तारी का क्या था मुसलमानों से नाता ?

जब 2016 में जेएनयू में कुछ विवादित नारे लगाने पर कुछ छात्रों पर देशद्रोह का केस लगा तो कई लोगों ने ये तथ्य उठाया कि देशद्रोह यानी सैडीशन एक्ट की धारा 124ए का पहला शिकार महात्मा गांधी बने थे. हालांकि....Read More

ये नए किस्म का ‘वाद’ है, विवाद तो होगा ही !

नई दिल्ली : देश की राजनीति में कभी मनुवाद हुआ करता था, जिसे विवाद बढ़ाने के राजनीतिक नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था. अब ये काम एक नए किस्म का वाद कर रहा है, जिसे कुछ लोग राष्ट्रवाद....Read More

इस शख्स ने लिखी थी हिंदू महिलाओं की किस्मत में सबसे बड़ी क्रांति की कहानी

भारत में जब भी महिलाओं की आजादी, हक या अधिकारों की बातें होती हैं तो ना जाने किस-किस का नाम लिया जाता है. तमाम बहादुर महिलाओं, वीरांगनाओं, लेखिकाओं और अपने अपने क्षेत्र में कामयाबी का परचम लहराने वाली महिलाओं को....Read More

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vishnu-sharma

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