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भाजपा की विचारधारा हैं आदित्यनाथ!

यह किसी से छिपा नहीं है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ही भाजपा का नीति नियंता है। वह अपनी हिंदुत्व की परिभाषा खुद गढ़ता और क्रियान्वित करता है। इस कड़ी में जो चेहरा सामने है, वह देश के सबसे बड़े....Read More

Analysis on Indian Economy: कोरोना काल में 10 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार, गर्त में विकास दर

 राष्ट्रीय सांख्यकी मंत्रालय के मुताबिक 2020-21 के वित्तीय वर्ष में जीडीपी 135 लाख करोड़ रही, जो पिछले साल 145 लाख करोड़ थी। इस वक्त हमारे देश की जीडीपी -7.3 फीसदी पर है, जो 1947 के बाद पहली बार इतनी बदतर....Read More

समय की जरूरत है नेहरू की विचारधारा!

 “आज एक सपना खत्म हो गया है। एक गीत खामोश हो गया है। एक लौ हमेशा के लिए बुझ गई है। यह एक ऐसा सपना था, जिसमें भुखमरी, भय-डर नहीं था। यह ऐसा गीत था, जिसमें गीता की गूंज थी....Read More

मौकापरस्ती नहीं, मानवता सिखाता है धर्म!

नई दिल्ली. “अगर मुमकिन हुआ होता, बुझाकर रख लिया होता, अमीरों ने कहीं सूरज छुपाकर रख लिया होता”। हमारे मित्र अशोक रावत की गजल की ये पंक्तियां और डॉ रूपचंद्र शास्त्री की गजल, “ये गद्दार मेरा वतन बेच देंगे, ये....Read More

मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है..!

नई दिल्ली.  हमारे एक सहयोगी का रात फोन आया कि उसकी हालत बिगड़ रही है। वक्त रहते आक्सीजन बेड नहीं मिला, तो मर जाएगा। हमने दिल्ली के मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ मंत्री को कॉल और मैसेज किया। तत्काल कोई मदद....Read More

India News Pulse: रक्तचरित्र को विकास चरित्र बनाना होगा!

नई दिल्ली. अपनी 66 साल की जिंदगी में उसने सबसे महंगी साड़ी (तंत) 495 रुपये की और चप्पल 55 रुपये की पहनी। उसने न कभी गले में चेन डाली और न कोई जेवर। कान में छोटे टॉप्स, दायें हाथ में....Read More

कांग्रेस सबसे बड़ी लूजर, आत्ममंथन का जनादेश!

चार राज्यों और एक केंद्र शासित क्षेत्र के चुनाव परिणाम सकारात्मक संदेश देने वाले हैं। इस जनादेश ने कांग्रेस को पुनः आत्ममंथन की राह दिखाई है। चुनाव नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस को जमीनी और प्रभावी संगठन....Read More

हम रोएं, शर्म करें या लानत दें! मगर किसे?

भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे पूर्व राजदूत अशोक अमरोही गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल की पार्किंग में पांच घंटे इलाज का इंतजार करते दम तोड़ गये। पिछले दो सप्ताह में कुछ इसी तरह हमने भी अपने 40 प्रियजनों को खो....Read More

सवाल खत्म और व्यवस्था ध्वस्त!

सुप्रीम कोर्ट परिसर में 7 जनवरी 2020 को वहां के वकीलों के एक समूह ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना पढ़कर देश की सर्वोच्च अदालत को संविधान की याद दिलाई थी। आखिर ऐसे हालात क्यों आ गये कि अधिवक्ताओं....Read More

धर्म! मानवता है, जहर नहीं!

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा। बचपन के दिनों में स्कूल से लेकर घर तक, हम अल्लामा इकबाल का यह गीत मस्ती के साथ गुनगुनाते थे। राजनेता, शिक्षक और परिवार सभी यही....Read More

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Aanchal.Pandey

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