opinion

भूमि अधिग्रहण पर आखिर इतनी हठधर्मिता क्यों?

पिछले साल हुए आम चुनावों में देश की सबसे पुरानीराजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने जनाधार खो दिया था. निश्चित रूप से अब उसका सबसे बड़ा काम उस खोए हुए जनाधार को पुन: प्राप्त करना है. वह इसके लिए कोई भी मुद्दा....Read More

कुछ कहती है इनकी मुलाकात

बुधवार को सार्वजनिक स्थान में एक-दूसरे की कटु आलोचना करने की थोड़ी देर बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक ने उनके विचार-विमर्श की प्रकृति के बारे अटकलों को शुरू कर दिया है.....Read More

क्षितिज से भी आगे फैल चुका है ‘अवैध जेहाद’

ओसामा बिन लादेन के जेहाद में नौकरी के लिए आवेदन फार्म हाल के वर्षों में प्रकट होने वाला सबसे असाधारण दस्तावेज है. यह आवेदन फार्म अमेरिकियों के हाथों में उस समय पड़ा जब उन्होंने अपनी हिट लिस्ट के इतिहास में....Read More

अम्मा की धमाकेदार वापसी

तमिलनाडु की सत्ता से जयललिता भले ही कुछ समय के लिए कार्यालय से बाहर रही हों, लेकिन उनकी अपनी पार्टी, अन्नाद्रमुक के वर्करों और उनके अपने राज्य तमिलनाडु के अंदर व बाहर, लोगों में उनकी शक्ति और स्वीकार्यता को कोई....Read More

सलमान… यह खत तुम्हारे नाम

अच्छा हुआ सलमान खान तुम अदालत में पेश हुए. अच्छा हुआ कि तुम्हारे चेहरे से दबंगता का परदा हट गया. अच्छा हुआ कि तुम्हारे बहाने हमें यह अहसास हुआ कि तुम्हारे जैसे सेलिब्रेटी और हमारे जैसी आम पब्लिक में आदमी....Read More

वाराणसी साफ तो भारत क्यों नहीं?

 धूल और भीड़ भी वाराणसी के आकर्षण को मिटा नहीं पाई, एक ऐसा शहर जिसे लगभग एक अरब लोगों की आध्यात्मिक धुरी के रूप में जाना जाता है जबकि लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा आधुनिक है, एक वर्ष पहले इस....Read More

फिर खंगालें नेता जी का इतिहास

18 अगस्त 1945 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रहस्यमयी ढंग से लापता होने की पहेली, कांग्रेस पार्टी एवं अब तक केंद्र व पश्चिम बंगाल में सत्ता में रह चुकी विभिन्न सरकारों को परेशान करने के लिए आ गई है.....Read More

‘निज सेवा परमो धर्मा: !’

भारतीय संस्कृति में कहा गया है कि ‘सेवा परमो धर्मा:’. हम और हमारे नीति नियंता यह दावा करने से कभी नहीं चूकते कि वह इसी ध्येय मंत्र पर काम कर रहे हैं मगर किसकी सेवा? जन सेवा या फिर निज....Read More

कांग्रेस में राहुल गांधी पर बढ़ती रार

कांग्रेस के भीतर चल रहा युद्ध अब जगजाहिर हो गया है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र, और पूर्वी दिल्ली से दो बार सांसद रह चुके संदीप दीक्षित द्वारा हाल ही में दिया गया बयान कि पार्टी के....Read More

जब तब राजनेताओं के निशाने पर मीडिया

निंदा, आत्मीयता के माध्यम से बर्बरता है. राय, निष्पक्षता का दृष्टिकोण है. जज्बात एक ऐसी रसविद्या है जो इन दोनों को संगठित करती है. इतिहास के बड़े जैविक रूपक में राजनीति और प्रेस परस्पर-विरोधी डीएनए वाले जुड़वा हैं. सार्वजनिक हित....Read More

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vishnu-sharma

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