opinion

राहुल गांधी के नए अवतार पर सवाल

नई दिल्ली. अगर आप संसदीय गतिरोध के उज्ज्वल पहलू की तरफ देखने में समर्थ हैं तो आप को शुक्र मनाना चाहिए कि इसने अगर और कुछ नहीं तो कम से कम यह तो प्रमाणित कर दिया है कि राहुल गांधी....Read More

‘भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले लोग निराशा महसूस कर रहे हैं’

नई दिल्ली. सरकार के कामकाज में रुकावट के भय से देश के लाखों-करोड़ों मतदाताओं को यूपीए के तीसरे कार्यकाल के बजाय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की ओर रुख करने को प्रेरित किया. इसके परिणामस्वरूप भाजपा को 2014....Read More

सुशासन का विकल्प नहीं विरोध मार्च

नई दिल्ली. लोकतंत्र के तहत, एक पार्टी हमेशा यह सिद्ध करने में अपनी प्रमुख ऊर्जाएं समर्पित कर देती है कि दूसरी पार्टी शासन करने के अयोग्य है, और दोनों आमतौर पर सफल रहते हैं व सही होते हैं. एक जीवंत....Read More

पोर्न साइट: कहा भी न जाए, रहा भी न जाए

वेंसन बोर्न फॉर ब्लू कोट नामक शोध संस्थान ने हाल ही अपनी रिपोर्ट पेश की है. संस्था ने 11 देशों में एक सर्वे कराया. इसमें पाया कि साइबर सुरक्षा संबंधी खतरों के बावजूद इन 11 देशों में सबसे अधिक पोर्न....Read More

ललित मोदी प्रकरण और मोदी सरकार: पावर एंड पॉलिटिक्स

नई दिल्ली. सार्वजनिक बहस और कथाओं से व्यक्तियों से नहीं, बल्कि मुद्दों और विचारधाराओं से निपटने की उम्मीद की जाती है, लेकिन नई राजनीति के लेखक, प्रतिपालक और विक्रेता, और यहां तक कि नए ज़माने की पत्रकारिता भी अब सार्वजनिक....Read More

धर्म के लिए राजनीति या राजनीति के लिए धर्म !

नई दिल्ली. राजनीति और धर्म दोनों ही ऐसे विषय हैं जिन्हें कभी भी अलग नहीं किया जा सकता है. चिंतन इस बात पर होना चाहिए कि राजनीति की दिशा और दशा क्या है क्योंकि ये दोनों ही विषय हर वर्ग....Read More

फर्जी डिग्री का खेल पुराना है

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी मंत्री को उसके पद पर रहते हुए इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उसने फर्जी डिग्री ली है. मंत्रियों और नेताओं पर लगने वाले तमाम तरह के आरोपों में ये....Read More

जनता की सरकार बड़ी या नौकरशाही?

आम आदमी पार्टी की सरकार और कार्यकारी प्रमुख, लेफ्टिनेंट गवर्नर के बीच टकराव ने जनता के ध्यान में लाया है कि किस प्रकार भारतीय लोकतंत्र में जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों की तुलना में नौकरशाही अधिक मजबूत बनी हुई है. इस....Read More

यह अब 1975 का भारत नहीं है

मोदी सरकार के कई शत्रु हैं, इसलिए उन्हें चेन्नई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डीन जैसे मित्रों से सबसे अधिक बचाए जाने की आवश्यकता है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उस ‘गुमनाम’ राजनीतिक संदेश को रद्दी की टोकरी के सुपुर्द....Read More

सॉरी बापू, तुम ही चले जाओ यहां से

जिस राष्टपिता महात्मा गांधी ने ताउम्र शराबबंदी की खिलाफत की, उसी राष्टपिता की प्रतिमा को शराब ठेके (बार) के लिए अपमानित होना पड़ा है. आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले में प्रशासन के एक फैसले ने सभी को सोचने पर मजबूर कर....Read More

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vishnu-sharma

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