आपको याद होगा पिछले दिनों पैगंबर मोहम्मद साहब के एक कार्टून के विरोध में यूरोप में जमकर खून खराबा हुआ. फ्रांस में टीचर का सिर कलम कर दिया गया. नीस शहर में चर्च में घुसकर महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया गया. वियना में गोलीबारी हो गई. ये सब सिर्फ इसलिए क्योंकि पैगंबर मोहम्मद साहब का एक कार्टून बनाया गया जिसके जवाब में दुनियाभर के मुसलमानों ने एक होकर इसकी घोर निंदा की. मलेशिया के पूर्व राष्ट्रपति मताहिर मोहम्मद तो यहां तक कह गए कि मुसलमानों को फ्रांस के लोगों की हत्या करने का पूरा हक है. बहरहाल मानवता का तकाजा तो यही कहता है कि धर्म के नाम पर किसी बेगुनाह की जान ले लेना सरासर गलत है.

अब बात करते हैं तस्वीर के एक और पहलू की. अमेरिका की एक रैपर हैं. नाम है कार्डी बी. कार्डी ने मां दुर्गा के अवतार में एक फोटोशूट करवाया जिसमें वो गोदी में जूता लिए मां दुर्गा के अष्टभुजा स्वरूप में नजर आ रही हैं. कार्डी का ये फोटोशूट विवादों में आया तो उन्होंने माफी मांग ली और कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था. कार्डी ने ये भी कहा कि वो अपने धर्म के लिए भी ऐसा कुछ बर्दाश्त नहीं करेंगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुझे अपने स्तर पर रिसर्च करना चाहिए था जो उन्होंने नहीं किया. अपने किए पर माफी मांगते हुए कार्डी ने कहा कि मैं अतीत को बदल तो नहीं सकती लेकिन भविष्य में अधिक रिसर्च करके ही इस कोई फोटोशूट कराऊंगी.

चलिए कार्डी ने माफी मांग ली और संभवत: विवाद शांत भी हो गया. लेकिन जरा सोचिए हमारे आसपास ऐसी कितनी चीजें होती हैं जिससे सरासर हिंदू धर्म और हिंदू धर्म के देवी देवताओं का अपमान है. कहीं मां दुर्गा और हनुमान जी के नाम पर बीड़ी बनाई जा रही है तो कहीं लक्ष्मी बम नाम से फिल्म बनाई जाती है जिसे बाद में विरोध के बाद बदला जाता है. आखिर ऐसा क्यों? सिर्फ इसलिए कि एक धर्म विशेष इसका हिंसक विरोध नहीं करता? यहां हम हिंसा को बढ़ावा देने की बात नहीं कर रहे. हमारा मकसद ये बताने का है कि जब एक धर्म विशेष के पूज्य व्यक्ति के नाम पर कोई कार्टून भी बना दे तो लोग मरने मारने पर तुल जाते हैं वहीं दूसरे धर्म के देवी-देवताओं का आप निरंतर मजाक बनाते हैं.

क्या आपने कभी जीजस क्राइस्ट या पैगंबर मोहम्मद या वाहे गुरु के नाम का इस्तेमाल करते हुए कोई उत्पादन बाजार में बिकता देखा है? लेकिन आपको लक्ष्मी बम, गणेश माचिस, सरस्वती कपूर और ना जाने ऐसे कितने ही उत्पादन मिल जाएंगे जिनपर ना सिर्फ हिंदू देवी देवताओँ का नाम लिखा होगा बल्कि उनकी तस्वीर भी होगी. अमेरिका में तो पिछले दिनों हिंदू देवी देवताओं की तस्वीर लगे हुए पायदान और चप्पल तक ऑनलाइन बिक रहे थे जिसका कड़ा विरोध हुआ. सवाल सिर्फ ये कि आखिर ये दोगलापन क्यों? क्यों हिदू देवी देवताओं को सामान बनाकर बेचा जाता है और लोग चुपचाप देखते हैं? हिंदू धर्म को मानने वालों की संख्या भी करोड़ों में है तो फिर क्यों हिंदू देवी देवताओं के मजाक उड़ाया जाता है? जब आप इस खबर को पढ़ लें तो इस क्यों का जवाब जरूर सोचिएगा और हमें कमेंट करके बताइएगा.

(डिस्कलेमर:- ये लेखक के निजी विचार हैं)