आज बाबा भीमराव आंबेडकर की 127वीं जयंती है, बाबासाहेब भारतीय ज्यूरिस्ट, इकनॉमिस्ट, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक थे. उन्होंने मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करते हुए दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया.

बाबा साहेब और वर्तमान राजनीति

बाबा साहेब का नाम वर्तमान भारतीय राजनीति में भी काफी प्रासंगिक है, कई राजनीतिक पार्टियां उन पर अपना अधिकार जमाती है और उनके नाम पर ही पिछड़ो और दलित की राजनिती करती है. वर्ष 2016 के बाद कई ऐसी घटनाएं हुई जिसके कारण बाबा साहेब का नाम बार-बार राष्ट्रीय पटल पर उभरा. हर घटना के बाद कई सामाजिक सगंठन और राजनीतिक पार्टियों ने बाबा साहेब के नाम को ही आगे रख अपना विरोध प्रदर्शन किया. चाहे ऊना की घटना हो या भीम आर्मी के अध्यक्ष चन्द्रशेखर की गिरफ्तारी की या हाल ही में सामने आई मूर्ति तोड़ने की घटनाएं.

जानिए, क्या है बाबा साहेब का ब्राह्मण कनेक्शन?

हर कोई ये जानता है बाबा साहेब ब्राह्मण और ब्राह्मणों के जाति प्रथा के खिलाफ थे पर इस बात से कम ही लोग वाकीफ हैं कि उनकी दूसरी पत्नी ब्राह्मण थी. बाबा साहेब की पहली पत्नी रामा बाई की मृत्यु लंबी बीमारी के कारण 1935 में हो गई थी. कहा जाता है भारत के संविधान को ड्राफ्ट करने के बाद आंबेडकर को कई बीमारियों ने घेर लिया था, उन्हें कम नींद आने की परेशानी हो गई और साथ ही वह पैरों की नसों में दर्द से जुझने लगे थे. केवल इतना ही नहीं, इंसुलिन और होम्योपैथिक दवाईयां लिया करते थे.

इन्ही सब परेशानियों को लेकर अंबेडकर अपना इलाज कराने बंबई चले गए और वहां उनकी मुलाकात डॉ. शारदा कबीर से हुई और इन्हीं के साथ भीम राव आंबेडकर ने 15 अप्रैल 1948 को अपने घर दिल्ली में विवाह कर लिया . शारदा कबीर महाराष्ट्र की चितपावन ब्राह्मण थी, चितपावन ब्राह्मण कोंकण क्षेत्र के रहने वाले ब्राह्मण हैं. कोंकण असल में महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में समुद्री तट के किनारे रहने वाले समुदाय हैं और वह बोलचाल में कोंकणी भाषा का इस्तेमाल करते हैं.

विवाह के बाद डॉ. शारदा कबीर ने बदला अपना नाम

शादी के बाद डॉ. शारदा कबीर ने अपना नाम सविता आंबेडकर कर लिया और आंबेडकर की आखिरी सांस तक वह उनके साथ रहीं. बाद में बाबा साहेब की तरह इन्हें भी माईसाहब के नाम से पुकारा जाने लगा. 2003 में 93 वर्ष का आयु में दिल्ली के मेहरौली में सविता आंबेडकर का निधन हो गया.